छतरपुर - राजनगर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक कुँवर विक्रम सिंह नातीराजा ने वन विभाग के छतरपुर एसडीओ वाई एस परमार के खिलाफ विधानसभा में प्रश्न लगते हुए कहा है कि वे कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं।

गौरतलब है कि अपनी कार्यशैली के लिए श्री परमार खासे चर्चित रहे हैं। उन्होंने सरकारी खर्चे से अपने चैंबर में ऐसी कुर्सी बनवा ली थी जिसमे अशोक की लाट लगी थी। जबकि इस तरह की कुर्सी पर सिर्फ महामहिम राष्ट्रपति ही बैठते हैं। इसी तरह उन्होंने सरकारी गाड़ी पर जो नेम प्लेट लगवाई थी उसमें सब डीएफओ लिखवा लिया था। वन विभाग में इस तरह का कोई पद ही नहीं होता जबकि वे एसडीओ के पद पर हैं।

विधायक नातीराजा ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न क्रमांक 1940 लगाकर पूछा है कि छतरपुर अनुभाग में उप वन मंडलाधिकारी पिछले 3 साल 8 माह से पदस्थ हैं उनके द्वारा न्यायालय में राजसात वाहनों की सूचना देने के बावजूद कितने वाहनों को अभिसंधानित कर निजी स्वार्थवश विधि विरुद्ध कार्यवाही की गई है। यदि हाँ, तो क्या शासन इनके विरुद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

विधायक ने यह भी पूछा है कि क्या विभागीय भुगतान हेतु शासन के साप्ताहिक भुगतान के निर्देश हैं? कार्यालय उप वन मंडलाधिकारी छतरपुर में विगत 3 वर्ष में कब तक प्रमाणक प्राप्त हुए तथा कब तक भुगतान भेजा गया? उन्होंने यह भी पूछा है कि गरीब मजदूरों को विलंब से भुगतान के लिए शासन के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के लिए उप वन मंडलाधिकारी छतरपुर के विरुद्ध क्या और कब तक कार्यवाही की जाएगी?

विधायक नातीराजा ने एक और तारांकित प्रश्न क्रमांक 1939 लगाते हुए पूछा है कि छतरपुर अनुभाग में पदस्थ एसडीओ वन प्रथम मूल पद पर पदस्थी दिनांक से जनवरी 2021 तक कितने वर्षों से छतरपुर जिले में पदस्थ हैं? इनका कितनी बार छतरपुर जिले से तबादला हुआ है? इनके रेंजर से लेकर एसडीओ के कार्यकाल में इनकी कितनी शिकायतें हुईं और उन पर क्या कार्यवाही हुई और यदि नहीं हुई तो क्यों? विधायक ने यह भी पूछा है कि क्या इनके विरुद्ध गंभीर विभागीय जांच संस्थित है? यदि हाँ तो क्या शासन गम्भीर विभागीय जांच के बावजूद उन्हें क्षेत्रीय प्रभार में रखेगा?

विधायक के इन सवालों का जवाब विभाग को 22 फरवरी तक भेजना है और विधानसभा में 1 मार्च को इनका उत्तर प्रस्तुत किया जाएगा।

न्यूज़ सोर्स : कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहे एसडीओ वन