नई दिल्ली ।  सबरीमला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक को लेकर दाखिल याचिकाओं के सभी पक्षों के वकीलों की आज सुप्रीम कोर्ट के महासचिव के साथ बैठक में तय हुआ कि 10-10 दिन सभी पक्षों को बहस करने के लिए मिलेंगे।  याचिका के समर्थन करने वालों को 10 दिन और विरोध करने वालों को 10 दिनों का वक्त मिलेगा। दो दिन जॉइंडर बहस के लिए तय किए गए हैं। इस मामले में नौ जजों की संविधान पीठ तीन फरवरी को मामले की अगली सुनवाई करेगी।
केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बहस करेंगे। उनकी बहस की सीमा हालांकि तय नहीं हुई। बहस की शुरुआत वरिष्ठ वकील के। परासरण करेंगे। वहीं पारसी समुदाय के लिए बहस वरिष्ठ वकील फली नरीमन करेंगे। इसके अलावा अभिषेक मनु सिंघवी, सीएस वैद्यनाथन, राजीव धवन, वी गिरी, इंदिरा जयसिंह और अन्य भी बहस करेंगे।
नौ जजों की संविधान पीठ ने सभी पक्षों के वकीलों को महाचिव  के साथ मिलकर तय करने को कहा था कि कौन वकील बहस की शुरुआत करेगा और बहस के किस पक्ष को कितना समय चाहिए।