कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मानवीय रिश्तों में उपनाम मायने नहीं रखते। उन्होंने कहा कि वह अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी तक का उपनाम नहीं जानती। बनर्जी ने कहा कि उन्हें अपने ड्राइवर का उपनाम नहीं पता और वह उन लोगों के उपनाम भी नहीं पूछती जो उनके साथ शासन में काम करते हैं। सीएए, देशव्यापी एनआरसी और एनपीआर के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ककि ‎कि मुझे पता है कि अभिषेक की पत्नी एक पंजाबी लड़की है, लेकिन उसका उपनाम नहीं पता। मानवीय रिश्तों में उपनाम मायने नहीं रखते। मुख्यमंत्री के बेहद चहेते कहे जाने वाले अभिषेक डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं। ममता ने कहा ‎कि जैसे किसी एक्वेरियम में अलग-अलग तरह की मछलियां रहती हैं या समुद्र में समुद्री जीव रहते हैं उसी तरह एक समाज में विभिन्न जाति, नस्ल और धर्म के लोग सौहार्दपूर्वक साथ रहते हैं। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा ‎कि मुझे दुख होता है जब मैं देखती हूं कि हम सौहार्दपूर्वक साथ रहने की सदियों पुरानी परंपरा से दूर जा रहे हैं। उनके माता-पिता ने उनका पालन पोषण एकजुटता के माहौल में किया जो कि पश्चिम बंगाल ही नहीं पूरे देश की पंरपरा है।