छतरपुर। शहर कोतवाली में एक बार आने वाला सिपाही यहां से तबादला होने पर जाना नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि करीब डेढ़ महीने पहले एसपी द्वारा जारी की गई तबादला सूची में शामिल सिपाही यहां से रिलीव नहीं किए जा रहे हैं। इनमें वे नाम भी शामिल हैं, जो सालों से कोतवाली में ही हैं और स्थानीय निवासी होने के बाद भी शहर के थाना में नौकरी कर रहे हैं। 
एसपी तिलक सिंह ने करीब डेढ़ महीने पहले बड़े स्तर पर थाना-कोतवाली के स्टाफ में फेरबदल किया था। सिपाहियों को लेकर मिल रहीं शिकायतों और उनके परफार्मेंस को देखकर उन्होंने यहां से हटाया गया था। कोतवाली से सिपाही प्रहलाद कुमार, नरेश प्रताप सिंह चौहान, सत्येंद्र त्रिपाठी, नीरज मिश्रा, धर्मेंद्र यादव, मासूक अंसारी, मोहम्मद हफीज, सहित एएसआइ आदि का भी तबादला किया गया था। इनमें से नीरज मिश्रा, धर्मेन्द्र यादव, मासूक अंसारी, मोहम्मद हफीज आदि तो एक-एक करके रिलीव हो गए। लेकिन तीन सिपाही सत्येंद्र त्रिपाठी, प्रहलाद कुमार और नरेशप्रताप सिंह अब तक रिलीव नहीं हुए हैं। यह सिपाही राजनेताओं से एसपी पर दवाब डलवाकर अपने रिलविंग आर्डर रुकवाए हैं। जबकि पुलिस मुख्यालय भोपाल ने सभी को एक तरफा रिलीव करने के निर्देश जारी किए थे। सिपाही प्रहलाद कुमार (७३०) का तबादला कोतवाली से नौगांव किया गया था। वहीं नरेश प्रताप सिंह चौहान (५९६) का तबादला बिजावर थाना और सत्येंद्र त्रिपाठी (२९५)को तबादला बाजाना किया गया है। लेकिन वे रिलीव नहीं हुए। सत्येंद्र त्रिपाठी ने अपनी अधिकांश नौकरी कोतवाली में रहकर ही पूरी की, जबकि वह स्थानीय निवासी होने के बाद भी शहर कोतवाली में जमे हैं। जब भी तबादला होता है या शिकायत होती है तो कुछ दिन के लिए यहां-वहां के थाना में जाकर वापस से फिर कोतवाली पहुंच जाता है
इनका कहना है-
इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है स्थानांतरण SP साहब द्वारा किए गए थे रिलीव क्यों नहीं किया गया,इसकी जानकारी एसपी महोदय से ही लगेगी।
उमेश शुक्ला सीएसपी छतरपुर
न्यूज़ सोर्स : अंगद की पैर की तरह कोतवाली में जमे सिपाही, पुलिस मुख्यालय के आदेश तक को दिखा रहे ठेंगा