छतरपुर। 8 जुलाई को एसपी कार्यालय छतरपुर के बाहर हुए कन्हैयालाल आत्मदाह मामले सहित जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह को हटाए जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। बुधवार को सर्वसमाज के एक सैकड़ा से अधिक प्रतिनिधियों ने कन्हैयालाल के पीडि़त परिवार के साथ कलेक्टर मोहित बुंदस को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह एवं उनका अधीनस्थ अमला यदि समय पर कन्हैयालाल को न्याय दिलाता तो उसे अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। पीडि़तों ने इस मामले की अदालत की निगरानी में न्यायिक जांच  कराने की मांग करते हुए आत्मदाह मामले में अन्य लोगों की भूमिका पर भी कलेक्टर को जानकारी दी और उनके विरूद्ध अब तक पुलिस द्वारा मुकदमा कायम नहीं करने पर निराशा जताई। 
उल्लेखनीय है कि बीती रात गल्लामण्डी की कल्याण धर्मशाला में अग्रवाल समाज द्वारा एक सर्वसमाज की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सभी समाजों के लोगों ने शामिल होकर मृतक कन्हैयालाल को श्रद्धांजलि देते हुए उसकी मौत के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था। लोगों का कहना था कि आरोपी अमन दुबे एवं अन्य जो भी हैं वे लगातार कन्हैयालाल और उसके परिवार को प्रताडि़त कर रहे थे। पीडि़त परिवार ने सिटी कोतवाली पुलिस एवं एसपी कार्यालय में जाकर इसकी शिकायत भी की थी फिर भी पुलिस जब कन्हैयालाल को न्याय नहीं दिला पायी तब उसने आत्मदाह कर अपनी जान गंवा दी थी। बैठक में तय बिन्दुओं के आधार पर बुधवार दोपहर 12 बजे सर्व समाज के लोगों ने कलेक्टर मोहित बुंदस को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने आए सर्वसमाज के लोगों एवं मृतक कन्हैयालाल के भाई जीतू एवं उसकी बहिन से कलेक्टर ने बातचीत कर घटना की बिन्दुवार जानकारी ली। पीडि़त परिवार ने कलेक्टर को कन्हैयालाल के मृत्यु पूर्व बयानों की वह सीडी भी सौंपी जिसमें उसने अमन सहित अन्य लोगों द्वारा प्रताडि़त किए जाने की बात कही थी एवं पुलिस द्वारा लगातार न्याय न दिला पाने की व्यथा सुनाई थी। 
//कलेक्टर बोले, मैं वादा करता हूं सबको सजा दिलाऊंगा//
आंखों में आंसू लिए  जब कन्हैयालाल का परिवार कलेक्टर के चेम्बर में  मिला तो कलेक्टर भी उनकी बात सुनकर भावुक हो गए। पीडि़त परिवार ने बताया कि आरोपी अमन दुबे ने 5 जुलाई को कन्हैयालाल के छोटे भाई अमित अग्रवाल को घर से अगुवा कर महोबा रोड के एक खेत में ले जाकर दिन भर पीटा था। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध सही धाराओं में  मुकदमा कायम नहीं किया है। कलेक्टर पीडि़तों की बात सुनने के बाद उनके घर पहुंचे एवं मृतक कन्हैयालाल की मां लता व मारपीट के शिकार हुए कन्हैयालाल के छोटे भाई अमित अग्रवाल को  ढांढस बंधाया। कलेक्टर ने पीडि़त परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि मैं वादा करता हूं  कि इस मामले की जांच जघन्य मामलों की सूची में चिन्हित कर कराई जाएगी एवं कोई भी आरोपी नहीं बचेगा। जिन्होंने भी यह गुनाह किया है उन्हें सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने मृतक के भाई अमित अग्रवाल के इलाज के लिए भी मौके से सीएमएचओ डॉ. व्हीएस बाजपेयी को फोन लगाकर निर्देशित किया। 
//बिगड़ती कानून व्यवस्था के कारण हो रही एसपी को हटाने की मांग//
छतरपुर जिले में जबसे पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह की नियुक्ति की गई है तभी से लगतार छतरपुर पुलिस की कार्यप्रणाली गंभीर आरोपों से जूझ रही है।  पिछले लगभग चार-पांच महीने में जिले में आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है जिसके कारण भी एसपी को हटाए जाने की मांग हो रही है। विधायकों ने भी मुख्यमंत्री से इन मामलों की शिकायत की है। 
//इन वारदातों से हुई पुलिस की किरकिरी//
1. दिनांक 8 जुलाई 2019 को छतरपुर एसपी कार्यलय के बाहर एक 28 साल के युवक कनहैया लाल अग्रवाल ने एक भाजपा नेता अमन दुबे के द्वारा प्रताडि़त किये जाने एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा न्याय न दिला पाने के कारण आत्मदाह कर अपनी जान गवा दी।  
2- छतरपुर जिले के लवकुशनगर अनुविभाग अंतर्गत ग्राम थुराटी में बलराम अहिरवार ने अपनी पत्नी की संदिग्ध मौत में न्याय न मिलने की स्थिति में अपने दो मासूम बच्चों की हत्या कर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की जांच में एसपी तिलक सिंह द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई जिसमें घटना के 6 माह बाद पुलिस ने मृतिका की मर्ग जांच पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की गई। इस मामले का संज्ञान अजा.जजा आयोग द्वारा लिया गया जिससे पुलिस की छवि धूमिल हो रही है।
3- दिनांक 9 जून 2019 को नौगाव शहर में एक नाबालिग लड़की साक्षी साहू को उसके घर में घुसकर रफीक खान नामक आरोपी के द्वारा आग लगाकर मार दिया गया।  
4- नौगांव शहर में ही पिछले माह लगातार अपहरण की तीन घटनाएं सामने आईं। डॉक्टर व्ही के मिश्रा के नाती मोनस मिश्रा, एडवोकेट मनोज पाठक के भतीजे उत्कर्ष एवं एक अन्य व्यक्ति भारत भूषण मिश्रा के पुत्र अपूर्व मिश्रा के अपहरण का प्रयास किया गया।  
5- नौगांव शहर में ही पदस्थ अनुसूचित जाति की नायब तहसीलदार नीलू बागरी को घर में घुसकर जान से मारने का प्रयास किया गया। जिसमें आरोपी आदित्य पाठक के विरुद्ध धारा 307 का मुकदमा किया गया लेकिन आज दिनांक तक आरोपी की गिरफ्तारी नही की जा सकी।
6- विगत माह छतरपुर के एक व्यापारी बबलू गुप्ता को रंगदारी मांगने न देने पर उसके ऊपर एक बदमाश मुकीम खान के द्वारा फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। व्यापारी से जबरन वसूली से जुड़ी इस घटना में छतरपुर के व्यापारियों ने एसपी ऑफिस का घेराव किया तब जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका। यह मुद्दा प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में उठाया है जिसको लेकर सरकार और छतरपुर पुलिस जवाब दे रही है।