भोपाल । नगर निगम प्रशासन द्वारा गोल्डन लीफ (सुनहरे पत्ते) अभियान की शुरुआत की है। अभियान के लागू होने के बाद से आगजनी की घटनाओं में भारी गिरावट आई है। इस तरह की घटनाएं पहले के मुकाबले आधी रह गई है।  निगम अफसरों का दावा है कि इस अभियान के बाद शहर में सूखे पत्तों में आग लगने की समस्या 50 फीसदी घट गई है। पहले एक महीने में कम से कम 250 शिकायतें पत्तों पर आग लगाने की आती थीं। लेकिन अब आधी रह गई हैं। निगम आयुक्त बी विजय दत्ता ने अभियान में सभी अपर आयुक्तों, सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों को तैनात किया है। जो विभिन्न कॉलोनियों के रहवासी समितियों से संपर्क कर उन्हें सूखे पत्तों से खाद बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वर्तमान में 30 रहवासियों समितियां अपने पार्क से एकत्र होने वाली पत्तियों से खाद बनाने के लिए सहमति दी है। निगम द्वारा इन कॉलोनियों में कंटेनर भी रखे दिए गए हैं। पत्तियों से खाद बनाने के लिए कल्चर और बूस्टर भी उपलब्ध कराए गए हैं। जिन कॉलोनियों में कंटेनर स्थापित किए गए हैं वहां तकनीकी सहयोग के लिए निगम का प्रशिक्षित कर्मचारी सप्ताह में एक बार निगरानी करेगा। इसके साथ ही निगम द्वारा बनाए जा रहे कचरा ट्रांसफर स्टेशनों में भी एक-एक टन क्षमता के कंटेनर स्थापित किए जाएंगे। 
    निगम अधिकारियों अनुसार शहर में निगम के 115 पार्क हैं, जबकि विभिन्न एजेंसियों को मिलाकर 354 पार्क हैं। निगम के पास 64 रहवासी समितियां हैं जिन्हें मिलाकर करीब पार्कों की संख्या 500 करीब है। इन पार्कों में पत्तों से खाद बनाकर उन्हीं पार्कों में इसका उपयोग किया जाएगा। अभियान का मकसद है कि प्रकृति से जो मिल रहा है उसे ही वापस किया जाय। प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी राकेश शर्मा के अनुसार जोन नंबर 13 और 14 के तहत आने वाले शक्ति नगर, साकेत नगर, युगांतर कॉलोनी, श्याम पल्ली, डीके क्वार्टर, खनूजा इनक्लेव, आकृति, फारच्यून डिवाइन, पेसिफिक ब्लू आदि कॉलोनियों के रहवासी समितियों का समर्थन मिला है। कुछ जगह पार्कों पहले से ही पिट बने हुए हैं। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर बी विजय दत्ता का कहना है कि गोल्डन लीफ कैंपेन के लिए अपर आयुक्तों व 19 जोन के एएचओ मिलाकर 30 लोगों की टीम है। तीन एनजीओ भी सहयोग के लिए तैयार हैं। हमारा लक्ष्य है कि 500 पार्कों में पत्तियों से खाद बनाकर दें। जल्द ही कॉलोनियों में खाद बांटने जाएंगे, इस दौरान उसी वाहन में पुरानी पुस्तकें भी लाएंगे।