दतिया । जिले के सेंवढ़ा अनुभाग के ग्राम बेरछा में नरवाई में लगी आग से खेत में बालियां बीन रही महिला घिर गई, झुलसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला के साथ तीन साल की बच्ची भी थी, जिसे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बचा लिया गया। 
जानकारी के अनुसार ग्राम सेंवढ़ा अनुभाग के ग्राम बस्तूरी में  किसी ने नरवाई में आग लगा दी। दोपहर में तापमान अधिक होने और तेज लू चलने के कारण आग मिनटों में फैलकर बेरछा, विसौर गांव तक जा पहुंची। बेरछा मौजे के खेत में ही सावित्री (५५) पत्नी स्व. सीताराम केवट अपनी तीन साल की नातिन काजल के साथ कटी फसल की बालियों को एक-एक कर बीन रही थी तभी बेरछा-बिसौर मौजे से आग फैलती हुई आई और सावित्री व उसकी नातिन को घेर लिया। गांव के लोग जब तक नजदीक पहुंचते तब तक सावित्री की साड़ी में आग लग गई। गांव के लंगड़ सोमवंशी ने फुर्ती दिखाई और बच्ची को आग से बचाकर ले आए लेकिन दोबारा जलती हुई आग में जाने की उनकी हिम्मत नहीं पड़ी। चंद मिनटों में महिला जिंदा जल गई।  सूचना मिलने पर एसडीओपी नरेंद्र सिंह गहरवार चार थानों के फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। भिंड और दतिया से छह फायर ब्रिगेड गाड़ियों के अलावा गांवों से पानी के टैंकर, रोलर, ट्रैक्टर-कल्टीमीटर मंगवाए गए लेकिन तब तक १४ किमी का एरिया पूरी तरह जलकर राख में तब्दील हो चुका था। देर रात तक आग ठंडी नहीं पड़ी थी। सेंवढ़ा क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी आगजनी की घटना है।