बिलासपुर। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के मोबाइल चोरी कर उसे मार्केट में खपाने वाले पिता-पुत्र को सिविल लाइन पुलिस ने पकड़ लिया है। बाप-बेटे की शातिर गिरोह ने जीआरपी के नाक में दम कर दिया था। सिविल लाइन पुलिस ने शातिर चोर पिता-पुत्र को पकड़ लिया है। उनके पास से 22 मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया गया है।

थाना प्रभारी कलीम खान ने बताया कि एसपी अभिषेक मीणा व एएसपी सिटी ओपी शर्मा ने शहर के सब्जी मार्केट व सार्वजनिक जगहों पर सक्रिय पॉकेटमारों की पतासाजी करने के निर्देश दिए थे। दरअसल, पाकिटमार ग्राहकों के मोबाइल पर ही नजर रखते हैं और पलक झपकते ही गायब कर देते हैं।
गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए सिविल लाइन पुलिस संदेहियों की पतासाजी में जुटी थी। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि तोरवा के लालखदान निवासी राजू उर्फ राजकुमार गुप्ता पिता स्व.घनश्याम (46) व उसका बेटा दीपक गुप्ता (21) मोबाइल बेचने के फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहे हैं।

इसके पहले भी दोनों मार्केट में मोबाइल खपा चुके हैं। इस सूचना पर एसआइ फैजुल शाह, प्रधानआरक्षक अशोक कश्यप व उनकी टीम ने दोनों पिता-पुत्र की तलाश शुरू कर दी। फिर उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने पूछताछ कर उनसे चोरी के मोबाइल भी जब्त किए। दोनों पिता-पुत्र से कड़ाई से पूछताछ की गई, तब उन्होंने ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के मोबाइल चोरी करने की जानकारी दी।

उनकी निशानदेही पर पुलिस ने 22 मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया है। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपित पिता ट्रेनों में मोबाइल चोरी कर अपने बेटे को बेचने के लिए थमा देता था और दीपक ग्राहक ढूंढकर मोबाइल को बेच देता था।
पकड़े जाने के बाद आरोपित राजकुमार ने थाने के एक आरक्षक पर गंभीर आरोप लगाया। उसका आरोप है कि सिविल लाइन थाने के आरक्षक से एक्सीडेंट के मामले में विवाद हो गया था। इसके चलते वह झूठे केस में फंसाने की धमकी दिया था और मनमुटाव रखने लगा था। इसी रंजिश के चलते उसने आरोपित के बेटे को भी चोरी के मामले में शामिल कर दिया।