नई दिल्ली । एक ताजे शोध के मुताबिक, रक्तचाप में अचानक गिरावट डिमेंशिया या स्ट्रोक के बढ़ते खतरे का संकेत हो सकता है। ब्लेड प्रेशर में गिरावट होने से उन्हें खड़े होने के दौरान बेहोशी, चक्कर आना जैसा महसूस होता है।  इसमें शोध दल ने 11,709 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। शोध के निष्कर्षो में कहा गया है कि ऐसे लोग, जिन्हें ब्लेड प्रेशर यानी रक्तचाप में गिरावट महसूस की, उनमें डिमेंशिया विकसित होने का 54 फीसदी ज्यादा जोखिम पाया गया। रक्तचाप में गिरावट महसूस करने वाली स्थिति को ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहते हैं। इनमें इस्केमिक स्ट्रोक विकसित होने की संभावना दोगुना पाई गई। यह अवस्था दिमाग तक खून ले जाने वाली नस में खून का थक्का यानी ब्लड क्लाट  बनने के कारण होती है। अमेरिका के मैरीलैंड में जॉन हॉकिंस विश्वविद्यालय की एंड्रिया रॉवलिंग्स ने कहा, "ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन दिल की बीमारी, बहोश होने और गिरने से जुड़ी हुई है, इसलिए हम यह जानने के लिए कि क्या निम्न रक्तचाप का यह प्रकार दिमाग से खास तौर से डिमेंशिया से जुड़ा है, इसके निर्धारण के लिए विस्तृत शोध करना चाहते हैं।"