छतरपुर। लंबे मंथन के बाद चुनाव के लगभग आखिरकार नामांकन फार्म डाले जाने के 4 दिन पहले भाजपा ने खजुराहो लोकसभा सीट को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा को प्रत्याशी बना दिया है। वीडी शर्मा मूलत: मुरैना के निवासी हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रास्ते प्रदेश के भाजपा संगठन में महामंत्री के पद तक पहुंचे। प्रत्याशी के रूप में उनके चयन ने खजुराहो लोकसभा सीट के दावेदारों की नींद उड़ा दी है। कटनी जिले की मुड़वरा विधानभा के पूर्व भाजपा विधायक गिरिराज किशोर के इस्तीफे की खबर सामने आई है तो वहीं सोशल मीडिया पर भी भाजपा के कई कार्यकर्ता पैराशूट प्रत्याशी का विरोध कर रहे हैं। उधर छतरपुर में भाजपा जिलाध्यक्ष मलखान सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर इस निर्णय पर खुशी जाहिर की है।

कौन हैं वीडी शर्मा
खजुराहो लोकसभा से प्रत्याशी बनाए गए विष्णुदत्त शर्मा मूलत: भिण्ड के निवासी हैं लेकिन मुरैना में राजनैतिक रूप से सक्रिय रहे हैं। वे लंबे समय तक विद्यार्थी परिषद में पूर्णकालिक कार्यकर्ता रहे उन्होंने विद्यार्थी परिषद के उच्च पदों पर कार्य करते हुए जबलपुर और भोपाल में काफी काम किया है। वीडी शर्मा के पास युवाओं और छात्रों की एक लंबी फौज है उन्हें कुछ समय पहले नेहरु युवा केन्द्र का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया था। वर्तमान में वे भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं।
इधर थी गुटबाजी, उधर वीडी शर्मा को नहीं मिल रही थी सुरक्षित सीट
भाजपा ने खजुराहो लोकसभा क्षेत्र से तैयारी कर रहे कई दावेदारों को दरकिनार किया है। दावेदारों में छतरपुर से पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री ललिता यादव, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह एवं पन्ना जिले के युवा भाजपा नेता एवं पूर्व बैंक अध्यक्ष संजय नगायच प्रमुख रूप से शामिल थे। पार्टी ने इन सभी नेताओं को इसलिए दरकिनार किया है क्योंकि इनकी गुटबाजी से भाजपा को नुकसान हो सकता था वहीं दूसरी ओर विधानसभा चुनाव में वीडी शर्मा को कहीं से टिकिट न दे पाने के कारण संघ का भाजपा का टिकिट को लेकर बड़ा दबाव था। वीडी शर्मा पहले मुरैना टिकिट चाहते थे इसके बाद भोपाल और विदिशा से भी इच्छुक थे लेकिन यहां के दिग्गज भाजपा नेताओं के कारण उनकी दाल नहीं गल सकी। अंतत: वीडी शर्मा को भाजपा की गढ़ मानी जाने वाली खजुराहो सीट से मौका दिया गया।
15 साल से जीत रही भाजपा, पिछली बार ढाई लाख वोट से जीते थे नागेन्द्र
खजुराहो लोकसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां 2004 से लगातार भाजपा जीत रही है। 2004 में डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया, 2009 में जीतेन्द्र सिंह और 2014 में नागेन्द्र सिंह यहां से भाजपा की टिकिट पर सांसद रह चुके हैं। पिछला चुनाव नागेन्द्र ङ्क्षसह ने 2 लाख 47 हजार वोट से जीता था। इस सीट पर भाजपा के मतदाताओं की संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 साल की एंटीइनकमबेंसी के बाद भी पिछले विधानसभा चुनाव में इस लोकसभा की 8 विधानसभा सीटों में से 6 सीटों पर भाजपा ही जीती थी। यही वजह है कि भाजपा के एक बड़े नेता को एक सुरक्षित सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया।
बाहरी प्रत्याशी का फायदा उठा सकती है कांग्रेस
लोकसभा खजुराहो को कितना भी सुरक्षित माना जाए फिर भी इस बार भाजपा ने यहां से बाहरी प्रत्याशी उतारकर कांग्रेस को एक मौका दे दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह के पास अब बाहरी और स्थानीय का मुद्दा हो सकता है। उधर स्थानीय भाजपा नेता भी दबी जुवान से ही सही पार्टी के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। खजुराहो के भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्हें पार्टी के इस निर्णय से हैरत हुई है और काफी दु:ख भी है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को स्थानीय प्रत्याशी की आवश्यकता थी लेकिन पार्टी ने क्षेत्र की भावनाओं को नजरंदाज किया है।
भाजपा का प्रत्याशी घोषित होते ही समर्थकों ने की आतिशबाजी
छतरपुर। लंबे इंतजार के बाद लोकसभा खजुराहो से भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बीडी शर्मा के नाम से जैसे ही प्रत्याशी की घोषणा हुई वैसे ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जिला भाजपा कार्यालय में पार्टी के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह, चंदला विधायक राजेश प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष जयराम चतुर्वेदी, दिनेश अग्रिहोत्री, दिग्विजय त्रिपाठी, उर्मिला साहू, शशिकांत अग्रिहोत्री, राजा चतुर्वेदी, मुकेश पाण्डेय, मीडिया प्रभारी अरविंद बुन्देला, पंकज अग्रिहोत्री सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी करते हुए खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को मिठाईयां खिलाईं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पूरी ताकत के साथ बीडी शर्मा को दिल्ली भिजवाया जाएगा।