लाहौर। पा‎किस्तान में जबरन धर्म प‎रिवर्तन के कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां तक ‎कि लड़‎कियों के रोते हुए वी‎डियो पूरी दु‎निया में वायरल हुए हैं। ‎जिसके बाद से पा‎किस्तान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी। वहीं एक और इसी तरह के मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने आदेश दिया कि उस ईसाई लड़की को उसके माता-पिता को सौंपा जाए जिसे अगवा करने के बाद फरवरी में उसका धर्म परिवर्तन ‎कराया गया और फिर जिसकी शादी एक मुस्लिस युवक से करा दी गई। शालत मसीह (14) को पुलिस ने लाहौर हाई कोर्ट में पेश किया। उसने बताया कि किशोरी का उसके शहर फैसलाबाद से अपहरण किया गया और बाद में एक मुसलमान व्यक्ति को बेच दिया गया। लड़की के पिता ने अदालत को बताया कि उसके इलाके में रहने वाले ईसाई समुदाय के कुछ लोगों ने उनकी बेटी को अगवा कर जफर इकबाल नामक व्यक्ति को बेच दिया था। एक अखबार ने पिता के हवाले से कहा, इकबाल ने जबर्दस्ती इस्लाम धर्म कबूल कराकर नाबालिग किशोरी से निकाह कर लिया। उसे 20 फरवरी को जामिया रिजवी मजहर-ए-इस्लाम फैसलाबाद ले जाया गया और उसका नाम आयशा रखा गया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश तारिक सलीम शेख ने लड़की को परिजनों के सुपुर्द करने का आदेश सुनाया।