एक पूर्वानुमान

 अजय खेमरिया 

फैक्ट एक                                                      आंध्र प्रदेश की 25,बिहार की 40,उड़ीसा की 21,तमिलनाडु की 39,यूपी की 78,तेलंगाना की 17,बंगाल की 42 दिल्ली की 7 ,नार्थ ईस्ट की 10 मिलाकर कुल लोकसभा के सीटें इन राज्यो में बैठती है लगभग  279 । यानी सामान्य बहुमत 272 से 7 आगे ।

फैक्ट नम्बर 2                                                               इन सभी राज्यो में राहुल गांधी और कांग्रेस कहां खड़े है ? एक भी राज्य में कांग्रेस मुख्य मुकाबले में नही है यानी बहुमत से बाहर तो पहले ही हो गई कांग्रेस।

फैक्ट नम्बर 3                                                              आसाम की 14,छत्तीसगढ़ की 11,मप्र की 29,गुजरात की 26,हरियाणा की 10,हिमाचल की 4,उत्तराखंड की 5,कर्नाटक की 28,पंजाब की 13 औऱ झारखण्ड की 14 राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों की मिलाकर आंकड़ा बनता है, 213 ।
अब आप पूर्वानुमान लगाइये इन 213 सीट्स में से कांग्रेस की कितनी सीट्स आ सकती है? कर्नाटक में वह जेडीएस के साथ लड़ रही है ,महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ है यानी इन राज्यो की सभी 74 सीट्स पर कांग्रेस अकेली नही है।लिहाजा ये बजूद की परिधि औऱ घट रही है। मप्र,राजस्थान, छतीसगढ़, गुजरात, की कुल मिलाकर 91 सीट्स है इनमे से 2014 में बीजेपी ने 88 सीट्स जीती थी इस बार कांग्रेस की इनमे से 3 राज्यों में सरकार है और गुजरात मे भी उसने काफी अच्छा किया विधानसभा चुनाव में।बाबजूद इसके इन 91 सीट्स पर क्या कांग्रेस बीजेपी की तरह प्रदर्शन कर पायेगी?जमीनी हकीकत से तो फिलहाल ऐसा नही लगता है इन 91 सीटों में से बीजेपी मेरे अनुमान से मप्र में 18 से 20 तक,राजस्थान में 15 से 18 तक,छतीसगढ़ में 5 से 6 ,औऱ गुजरात मे बीजेपी का आंकड़ा 20 से कम नही होता दिख रहा है।इस लिहाज से अभी इन 91 सीटों में अधिकतम नुकसान मान लें तो बीजेपी 58 / 60 सीट से नीचे नही आ रही है और कांग्रेस  अधिकतम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे तब भी उसकी टेली 30 के लगभग ही होने का पूर्वानुमान है।
महाराष्ट्र  में आप बीजेपी शिवसेना युति के बाद 48 में से 20 सीट्स जीतना आज भी बहुत कठिन लग रहा है।
कर्नाटक 28 सीटों वाले इस राज्य में जेडीएस औऱ कांग्रेस मिलकर लड़ रहे इसके बाबजूद 14 सीट जीतना आसान नही है।
हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल की कुल 19 सीट्स है जहां बीजेपी कांग्रेस सीधे मुकाबले में है।यहां कांग्रेस अधिकतम 7 सात सीट जीत सकती है।
पंजाब, इस राज्य में कैप्टन की इमेज कांग्रेस से ज्यादा बड़ी है और लगता है यहां कैप्टन क्लीन स्वीप कर दे बशर्ते राहुल यहां आप से समझौता न करें।
दिल्ली की सभी 7 सीट पर मुकाबला बीजेपी आप मे होगा अगर समझौता नही हुआ तो कांग्रेस एक भी सीट शायद ही जीत पाए।                                                 झारखण्ड यहां 14 सीटों पर जेएमएम, आजसू, आरजेडी,जेवीएम के साथ मिलकर कांग्रेस लड़ रही है।समझा जा सकता है ये टेली में कितनी बढ़ोतरी कांग्रेस की करेगी। जाहिर है 279 सीटों पर राहुल कहीं है नही 213 पर ही वे मुकाबले में है। 
केरल,में कांग्रेस की टेली बढ़ सकती है
तमिलनाडु में वह अधिकतम 4 या 5 सीट ले सकती है।
213 जहां कांग्रेस मुकाबले में है वहां जीतने की संभावना अपनी समझ से यही निकल रही है फिलहाल औऱ फिर भारत मे मतदाताओ के मतदान व्यवहार को लेकर कोई भविष्यवाणी करना खतरे से खाली नही है क्योंकि यहां महिलाओं के आँशु,प्याज के भाव,नेता की विधवा,बेचारा,बिचारी, के साथ रात को घटे किसी घटनाक्रम को लेकर भी लोगो का वोट बटन पर अंगुलियों के आते आते बदल जाता है।

न्यूज़ सोर्स : Article by Ajay Khemriya