छतरपुर। टीकमगढ़, खजुराहो एवं दमोह लोकसभा सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित किए परंतु भाजपा ने अभी भी खजुराहो सीट से अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर दमोह से कांगे्रस पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। टीकमगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा ने पुन: वीरेन्द्र खटीक को उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस ने नए चेहरे को इस बार उम्मीदवार बनाया है।
 
 
किरण अहिरवार कांग्रेस पार्टी की टीकमगढ़ की उम्मीदवार होंगी। गौरतलब हो कि वीरेन्द्र खटीक का भाजपा के विधायकों द्वारा खुलकर विरोध किया गया उसके बाद भी पार्टी ने वीरेन्द्र खटीक पर अपना विश्वास जताया है और उन्हें टीकमगढ़ से पुन: उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस को चुनौती दी है। किरण अहिरवार रिटायर आईएएस डीपी अहिरवार की बहू हैं एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निजी सचिव रहे आईएएस आरएन वैरबा की बेटी हैं। प्रदेश में कांग्रेस कमेटी में इनकी सदस्यता है और टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में किरण अहिरवार का अच्छा खासा प्रभाव है। जिसके चलते कांग्रेस पार्टी ने इस बार किरण अहिरवार पर अपना विश्वास जताया है। दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार घोषित होने के बाद टीकमगढ़ लोकसभा में जिनका मुकाबला होने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर खजुराहो संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी ने राजनगर विधायक विक्रम सिंह उर्फ नातीराजा की पत्नी कविता राजे को उम्मीदवार बनाकर बड़े बड़े दिग्गज नेताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। हालांकि भाजपा ने अभी खजुराहो संसदीय क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा संजय पाठक एवं नंदिता पाठक का नाम लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि अभी अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। दमोह संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने प्रहलाद पटेल को पुन: उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। हालांकि रामकृष्ण कुसमरिया जो कि भाजपा छोड़कर कांगे्रस में शामिल हुए हैं उनका नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। गौरतलब हो कि छतरपुर जिला तीन संसदीय सीटों से घिरा हुआ है और इस जिले से तीन सांसद चुनकर आते हैं इसलिए छतरपुर जिले का अपना अलग ही महत्व है और इस क्षेत्र से इस बार विधानसभा में कांग्रेस के चार विधायकों ने बाजी मारी जो कि कांग्रेस से लडऩे वाले लोकसभा प्रत्याशी के लिए अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल प्रत्याशियों के घोषणा होने के बाद पूरे जिले में हलचल मची हुई है। सबसे ज्यादा टीकमगढ़  लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी वीरेन्द्र खटीक का विरोध पार्टी के विधायकों द्वारा ही किया जाना उनके लिए सिरदर्द है। हालांकि वीरेन्द्र खटीक जैसा सरल स्वभाव का व्यक्ति किसी संसदीय क्षेत्र में नहीं है लेकिन किरण अहिरवार के आने से वीरेन्द्र खटीक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।