इंदौर  । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इंदौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। 1989 से यह सीट वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के पास है। 1989 में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद्र सेठी को पराजित किया था। 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ,इंदौर की इस सीट को कांग्रेस की झोली में डालने का काम करेंगे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिग्विजय सिंह इंदौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के दौरान इंदौर में रात्रि विश्राम किया था। इंदौर में रैली की थी। उसके बाद से इंदौर की लोकसभा सीट कांग्रेस की झोली में डालने के लिए, उन्होंने दिग्विजय सिंह को सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना है। उल्लेखनीय है, दिग्विजय सिंह की पढ़ाई डेली कॉलेज इंदौर में हुई है। इंदौर में उनकी काफी मजबूत पकड़ है। जिसके कारण कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कहने पर वह इंदौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे।
2003 मैं राजनीति से सन्यास लेने वाले दिग्विजय सिंह ने 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ने का संकल्प लिया था।उसके बाद भी वह 5 साल तक कोई चुनाव नहीं लडे।पिछले वर्ष उन्होंने नर्मदा परिक्रमा कर मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया है। मां नर्मदा के बारे में कहा जाता है, कि उनके दर्शन मात्र से सारे पाप समाप्त हो जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तो नर्मदा परिक्रमा करके जो आस्था प्रकट की है। उन्हें मां नर्मदा के आशीर्वाद पर अटूट विश्वास है।
दिग्विजय सिंह  अब बड़े आक्रमक तरीके से राजनीति में उतरे हैं उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को यह भी कहा था, कि मध्य प्रदेश या देश की किसी भी ऐसी सीट से चुनाव लड़ाया जाए, जिसे जीतना मुश्किल हो।
भारतीय जनता पार्टी की सांसद सुमित्रा महाजन वर्ष 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 का चुनाव इंदौर सीट से 8 बार विजयी होती आ रही हैं ।
वह लोकसभा की अध्यक्ष हैं। अब इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह चुनाव लड़कर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश चंद सेठी की हार से जो सीट भाजपा के पास गई थी। इंदौर की इस सीट को पुनः कांग्रेस की झोली में डालने की सुपारी दिग्विजय सिंह को मिली है। सूत्रों के अनुसार इंदौर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी भी उनकी शुरू कर दी है। उनके समर्थक बड़े जोर शोर से उनकी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व में लोकसभा का चुनाव कांग्रेस बड़े आक्रमक ढंग से लड़ने की तैयारी कर रही है।मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि वह मध्य प्रदेश की कम से कम 22 सीटों पर जीत दर्ज कराएंगे।