मुंबई । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्च कप्तान सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में एक तरह की गेंद का उपयोग करने की एमसीसी की सिफारिश की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अगर इसे गंभीरता से लिया जाता है तो यह नुकसानदेह होगा क्योंकि इससे विदशों में खेलने का रोमांच ही समाप्त हो जाएगा। खेलों के नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की विश्व क्रिकेट समिति ने इस साल विश्व कप के बाद होने वाली पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में एक ही गेंद का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा है। गावस्कर ने कहा कि क्रिकेट खेलने में सबसे बड़ी चुनौती विदेशों में खेलना और जीत दर्ज करना होता है क्योंकि आप भिन्न परिस्थितियों में खेलते हो।’’ अभी भारत में एसजी, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में ड्यूक्स तथा आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य देशों में कूकाबुरा गेंद का उपयोग किया जाता है। भारतीय कप्तान विराट कोहली और आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन सहित खिलाड़ियों ने हाल में गेंद की अपनी प्राथमिकता पर बात की थी। उन्होंने लाल रंग की ड्यूक्स की वकालत की थी। इसके अलावा एमसीसी ने टेस्ट क्रिकेट को रोचक बनाने के लिये नोबाल पर फ्री हिट जैसे कुछ अन्य प्रस्ताव भी रखे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एमसीसी विश्व समिति भी क्रिकेट क्लब आफ इंडिया, कोलकाता के राष्ट्रीय क्रिकेट क्लब या चेन्नई के मद्रास क्रिकेट क्लब की तरह है। यह काफी हद तक इन्हीं की तरह है। एमसीसी कह रहा है कि उसकी समिति की बात को आईसीसी समिति की तुलना में अधिक तवज्जो दी जानी चाहिए और बहुत से लोग उन्हें गंभीरता से लेते हैं।’’