रायपुर । जिंदगी में प्यार और साथ की जरूरत हर किसी को होती है। इस बात से हर कोई वाकिफ है। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके जीवन में कोई तो ऐसा हो, जिससे वह अपने दिल की बात कह सके, तकलीफ में रो सके तो खुशी में हंस सके। लेकिन मानव समुदाय में ही एक ऐसा किन्नर समुदाय है, जो आज भी अकेलेपन के साए से लिपटा है।

विश्व में पहली बार राजधानी रायपुर में 30 मार्च को नया इतिहास बनने जा रहा है। इस दिन देशभर के राज्यों से किन्नर समुदाय के 15 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधने जा रहे हैं। नईदुनिया ने इन जोड़ों से खास बातचीत की तो पता चला कि किन्नर एक-दूसरे को अपना-नाम देने के लिए शादी करना चाहते हैं।

जोड़ों का कहना है कि समाज हमें भले ही अपना नहीं समझता, लेकिन हमें समाज की चिंता है। हम चाहते हैं कि समाज में एक-दूसरे का सहारा बनकर एक खुशहाल जिंदगी जीएं। आइए हम आपको इन्हीं किन्नरों की तीन सक्सेस स्टोरीज से रू-ब-रू कराते हैं
बहुत खुशी है कि समाज में हमें स्थान मिलेगा 
दुर्ग के रहने वाले अजय वैरागी और सोनाली देवी दोनों 30 मार्च को शादी के पवित्र बंधन में बंधने जा रहे हैं। सोनाली कहती हैं कि वे एक किन्नर है, लेकिन जीवन में उन्हें हमेशा इस बात की चाह थी कि समाज में उन्हें स्थान मिले, लेकिन समाज ने उनकी यह चाह पूरी नहीं की। लगभग 10 साल पहले उन्हें मध्यप्रदेश के रहने वाले अजय वैरागी का साथ मिला। जब से अजय ने उनका दामन थामा है, जिंदगी खुशियों के रंग भर रही है। दोनों ने मिलकर लगभग पांच साल पहले एक महीने की बच्ची एडाप्ट की थी, जो अब पहली कक्षा में दुर्ग के कृष्णा पब्लिक स्कूल में पढ़ रही है। सोनाली कहती हैं उनकी इस खुशी को उनका किन्नर समाज दुगुना करने जा रहा है। शादी के बारे में सुनकर वे काफी खुश हुई हैं। उन्होंने अपनी शादी की तैयारी भी शुरू कर दी है। उनके लिए सबसे बड़ी बात तो यह कि इस शादी में कन्यादान प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल करेंगे।
फेसबुक से हुई दोस्ती, हुआ प्यार, अब करेंगे शादी 

रायगढ़ की रहने वाली रचना भारती (पिंकी) और सतनाम सिंह की स्टोरी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। जी हां, रचना बताती हैं, जब वे समझने लायक हुईं और उन्हें पता चला कि वे एक किन्नर हैं, इस बात का उन्हें काफी दुख था, लेकिन जिंदगी कहां किसी की रुकती है। लगभग तीन-चार साल पहले उनकी जिंदगी में फेसबुक के माध्यम से सतनाम सिंह ने एंट्री मारी। फेसबुक के बाद बात वाट्सएप तक पहुंची, आगे कॉलिंग में हुई बात और चल पड़ी प्यार की गाड़ी। कुछ दिनों बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और लिविंग रिलेशनशिप में रहने लगे। रचना कहती हैं कि साथ में तो रहते थे, लेकिन समाज के प्रति काफी चिंता होती थी। लोग एक अलग ही नजर से देखते तो काफी बुरा लगता, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनके समुदाय ने इस कमी भी दूर करने का बीड़ा उठाया है और सामूहिक विवाह करवाने जा रहे हैं तो दोनों काफी खुश हुए और शादी के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया। 30 को दोनों की शादी है, दोनो काफी खुश हैं।
बाहुबली फिल्म ने दो जिंदगियों को कर दिया एक 
राखी और सूरज पांडेय की जिंदगी में बाहुबली फिल्म काफी लकी साबित हुई। जी हां, लगभग दो साल पहले बाहुबली-2 फिल्म रिलीज हुई थी, जिसे देखने राखी अपनी सखियों के साथ रायगढ़ के निजि थिएटर में पहुंची थी। थिएटर में राखी की मुलाकात सूरज से हुई। दोनों के बीच बातचीत हुई और दोस्ती आगे बढ़ी। समय के साथ दोस्ती ने प्यार का रूप ले लिया और वर्तमान में दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं।
राखी बताती हैं कि प्यार तो हम दोनों को हो चुका था, लेकिन हमेशा समाज का डर सताया करता था। हम दोनों एक-दूसरे को अपना नाम देना चाहते थे, लेकिन वह संभव नहीं हो पा रहा। किन्नर समुदाय के सामूहिक विवाह की जानकारी के बाद दोनों काफी खुश हुए और शादी का रजिस्ट्रेशन करा कर शादी की तैयारी में जुट गए।