ग्वालियर। थम्ब इंप्रेशन क्लोन बनाकर सॉल्वर के जरिए परीक्षा दिलाने के मामले में शनिवार रात क्राइम ब्रांच ने फिरोजाबाद (यूपी) से गिरोह के टेक्निकल एक्सपर्ट सहित दो परीक्षार्थी पकड़े हैं। एक्सपर्ट बीए पास स्टाम्प वेंडर अब तक 40 परीक्षार्थियों के लिए थंब क्लोन बना चुका है। आधार कार्ड पर फोटो बदलना, एडमिट कार्ड सहित अन्य जाली दस्तावेज तैयार करने का काम अपनी दुकान से करता था। फिलहाल इससे पूछताछ की जा रही है। एक थंब क्लोन का 5 से 10 हजार रुपए लेने की बात सामने आई है पर पुलिस उसका खुलासा नहीं कर रही है।

शुक्रवार को बिजौली के बीवीएम कॉलेज में थंब इंप्रेशन क्लोन लगाकर किसी और की जगह परीक्षा देने पहुंचे फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) हरिओम तोमर निवासी बरबाई मुरैना को सेंटर पर तैनात अफसरों ने संदेह के आधार पर पकड़ा था। उसके बाद सेंटर के बाहर खड़े एजेंट अमन सिकरवार को भी पकड़ा, लेकिन मुख्य परीक्षार्थी धर्मेन्द्र सिंह फरार हो गया थ। अमन और हरिओम से थंब इम्प्रेशन क्लोन के जरिए अर्द्ध सैनिक बल, पुलिस व अन्य फोर्स की परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का रैकेट चलाने वाले यूपी के बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है।
बीते रोज पुलिस ने इस गिरोह के अन्य एजेंट केसी उर्फ कालीचरन शर्मा को गिरफ्तार किया था। पर गिरोह की तलाश में निकली क्राइम ब्रांच की टीम को शनिवार रात को मुख्य कामयाबी मिली। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद शहर से क्राइम ब्रांच ने गिरोह के टेक्निकल एक्सपर्ट राहुल गोयल को गिरफ्तार किया है।

उसके पास से थंब क्लोन बनाने वाली सामग्री और कई फर्जी दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जब्त किया गया है। साथ ही क्राइम ब्रांच ने अपनी जगह सॉल्वर को बैठाने के लिए गिरोह से डील करने वाले दो मुख्य परीक्षार्थी कोमल कौरव निवासी गांव टेटोंन भिंड, करीम खान पनिहार को भी गिरफ्तार किया है। पहले दिन पकड़े गए एजेंट अमन पर इनके नाम के एडमिट कार्ड मिले थे, जिस आधार पर इनको पकड़ा गया है।

दुकान चलाते-चलाते बना गिरोह का हिस्सा

राहुल ने क्राइम ब्रांच के सामने कुछ नामों का खुलासा किया है। उसने बताया कि उसकी फिरोजाबाद में दुकान है। जहां से वह स्टाम्प बेचा करता था। यह आने वाले दस्तावेजों से वह खिलवाड़ करते-करते एक्सपर्ट हो गया। कुछ लोगों ने उसके काम को देखा तो संपर्क कर रैकेट तैयार कर दिया। राहुल ने अभी तक 40 थंब इम्प्रेशन क्लोन बनाए हैं। अब उसने किन-किन लोगों के लिए थंब क्लोन बनाया है और उनमें से कितने लोग परीक्षा दे चुके हैं। यह पता लगाया जा रहा है।