माना जा रहा है कि ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण के फैसले से कांग्रेस को चुनावी फायदा मिल सकता है, क्योंकि मध्य प्रदेश में ओबीसी की आबादी करीब 52 फीसदी है.

 

लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ सरकार ने एमपी में ओबीसी आरक्षण का बड़ा दांव चला है. सीएम कमलनाथ के ऐलान के बाद एमपी में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण के अध्यादेश का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. ऐसे में मध्य प्रदेश में ओबीसी को अब सरकारी नौकरियों में 27 फीसदी आरक्षण का फायदा मिलेगा. राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने एक दिन पहले ही ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण के अध्यादेश को मंजूरी दी थी.

ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण मिलने के बाद अब मध्य प्रदेश में आरक्षण की सीमा बढ़कर 50 फीसदी से ज्यादा 63 फीसदी तक हो गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि एससी को 16 फीसदी और एसटी को 20 फीसदी आरक्षण का फायदा पहले से मिल रहा है.

माना जा रहा है कि ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण के फैसले से कांग्रेस को चुनावी फायदा मिल सकता है, क्योंकि मध्य प्रदेश में ओबीसी की आबादी करीब 52 फीसदी है. यही वजह है कि केंद्र की मोदी सरकार की ओर से गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के फैसले को लागू करने के बजाए कमलनाथ सरकार ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने को ज्यादा तरजीह दी है.

बता दें कि गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले को लागू करने के लिए सरकार ने एक कैबिनेट कमिटी का गठन किया है, जो एक महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी. वहीं ओबीसी आरक्षण के लिए अध्यादेश लाकर आनन-फानन में फैसले को अमली जामा पहना दिया गया है.