रायपुर/बिलासपुर। उत्कृष्ट योजना के तहत दुर्ग-भोपाल एक्सप्रेस को सोमवार को दुर्ग से भोपाल के लिए रवाना किया गया। नए रंग-रूप में सजी ट्रेन के कोच हल्के पीले और कत्थई रंग के नजर आए। इसके साथ ही इसमें बस्तर आर्ट की खूबसूरत झांकियां नजर आईं। छत्तीसगढ़ से चलने वाली यहां की इस प्रमुख ट्रेन को यहां की संस्कृति की झलक के साथ सजाया गया है।

इस ट्रेन कोच को एलएचवी कोच से भी बेहतर बनाया गया है। इसमें उत्कृष्ट योजना के तहत सर्वसुविधायुक्त, आकर्षक, साज-सज्जा एवं सजावट के साथ तैयार किया गया है।
वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (समन्वय) एसके सेनापति ने बताया कि दुर्ग से भोपाल दुर्ग के बीच चलने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस सोमवार से पूर्णतः उत्कृष्ट कोच वाली ट्रेन हो गई है। पिछले कई दिनों से अमरकंटक के कोचों को उत्कृष्ट कोच बनाए जाने को लेकर काम किया जा रहा था। उत्कृष्ट कोचों की विशेषता उपरोक्त विवरण अनुसार है।

उत्कृष्ट कोच की विशेषता

रायपुर डिविजन द्वारा अमरकंटक एक्सप्रेस के उत्कृष्ट रेक चलने लगा है। इसके अंतर्गत शौचालच का नवीनीकरण, बाहर के रंग विवरण, अंदर के सौन्दर्य को बढ़ाना, एलईडी. लाइट का इस्तेमाल को बढ़ावा एवं यात्रियों के लिए सुविधाओं को बढाने का प्रयास किया जा रहा है। यह प्रयास है भारतीय रेल्वे द्वारा यात्रियों की यात्रा को सुखद बनाने की।
गेवरारोड से अमृतसर जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में भी इस योजना के तरह नवीनिकरण का काम किया किया जाएगा। यह छत्तीसगढ़ से चलने वाली सबसे पुरानी और सबसे ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेन है। इस ट्रेन के साथ ही रायगढ़ से गोंदिया तक चलने वाली जनशाताब्दी एक्सप्रेस भी जल्द नए रंग-रूप में ढ़ली नजर आएगी। छत्तीसगढ़ से चलने वाली इन दों ट्रेनों को भी उत्कृष्ठ योजना में शामिल किया गया है।
शहडोल-अम्बिकापुर- शहडोल मेमू का परिचालन शुरू
आधुनिकीकरण और संरक्षा संबंधित कामों की वजह से ट्रेन क्रमांक 68749/68750 शहडोल-अम्बिकापुर-शहडोल मेमू को 31 मार्च तक रद किया गया था। यात्रियों की मांग एवं उनकी सुविधा को देखते हुए इसे 5 मार्च से चलाने का निर्णय रेलवे प्रशासन द्वारा लिया गया है। शहडोल-अम्बिकापुर-शहडोल मेमू आज से अपने निर्धारित समय अनुसार चलेगी।