नई दिल्ली । देश में आजकल खाना सप्लाई यानि भूड डिलीवरी करने वाली कंपनियों ने गली कूचों तक को कवर कर लिया है। ई-कॉमर्स कंपनियों के हेवी डिस्काउंट के चलते बिजनेस में सेंध लगने से पिछले कुछ बरसों में शॉपिंग सेंटर्स का बुरा हाल हुआ है लेकिन इसी इंडस्ट्री में ऑपरेट करने वाली स्विगी और जोमैटो जैसी ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों के चलते मॉल्स को बहुत फायदा हो रहा है। दिल्ली के सेलेक्ट सिटीवॉक मॉल के मुताबिक उसके फूड कोर्ट के कई स्टॉल्स स्विगी और जोमैटो के जरिए हर महीने लगभग तीन लाख डिलीवरी कर रहे हैं और उसमें सालाना 15-20 की ग्रोथ हो रही है। देश के ज्यादातर जाने-माने मॉल का रेस्टोरेंट्स जैसे टेनेंट्स (किराएदारों) के साथ रेवेन्यू शेयरिंग एग्रीमेंट है और मॉल्स से ज्यादा बिजनेस मिलने से उन्हें ज्यादा प्रॉफिट कमाने का मौका मिल रहा है। कई शहरों में मॉल ऑपरेट करने वाली फीनिक्स मिल्स के वेस्टर्न बिजनेस प्रेसिडेंट राजेंद्र केलकर के मुताबिक, 'ओम्नि-चैनल सिस्टम बंद होने वाला नहीं है इसलिए बेहतर यही है कि कोई रास्ता निकाल लिया जाए और कारोबार बंद करने के बजाय सकारात्मक रुख अपनाते हुए उनके साथ पार्टनरशिप की जाए।'
केलकर बताते हैं कि मुंबई के हाई स्ट्रीट फीनिक्स मॉल ने स्विगी, जोमैटो, उबर ईट्स और फूड पांडा के डिलीवरी बॉयज के लिए मॉल में चल रहे रेस्टोरेंट्स से खाना पिक करने के लिए अलग से एक एरिया तय कर दिया है। यह उन मॉल्स के लिए स्वागतयोग्य कदम है, जिनकी कई मौकों पर ऑफलाइन और ऑनलाइन बिजनेस में होने वाली खींचतान के चलते ब्रांड्स से भिड़ंत होती रहती है। एक-डेढ़ साल पहले शॉपिंग सेंटर्स ने जारा स्टोर्स के सामने उसकी तरफ से जारा। कॉम का प्रमुखता से विज्ञापन किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद मॉल्स ने टेनेंट्स के साथ किए जाने वाले एग्रीमेंट में एक क्लॉज डाल दिया था ताकि रिटेलर्स अपने ऑनलाइन बिजनेस का ऐड अपने स्टोर फ्रंट पर न कर सकें। उससे पहले मॉल्स फैशन ब्रांड्स को उनके ऑनलाइन डिस्काउंट वाले मर्चेंडाइज को मॉल में बिकने वाले माल से अलग रखने के लिए कहते थे। सेलेक्ट सिटीवॉक के वाइस प्रेसिडेंट-लीजिंग दीपक जुत्शी कहते हैं, 'स्विगी और जोमैटो जैसी फूड डिलीवरी कंपनियों का मॉल्स के साथ कोई झगड़ा नहीं है।' सेलेक्ट सिटीवॉक ने फूड डिलीवरी बॉयज को सर्विस पैसेज यूज करने की इजाजत दी हुई है ताकि वे मॉल के क्राउड को डिस्टर्ब किए बिना अपना काम करते रहें।