रायपुर। चिटफंड कंपनियों में लोगों के डूबे हुए पैसे लौटाने की प्रक्रिया सेबी के निर्देश पर शुरू कर दी गई है। अब इस प्रक्रिया को लेकर भाजपा और कांग्रेस में राजनैतिक खींचातानी शुरू हो गई है। भाजपा का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र सरकार की पहल पर शुरू हुई है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसमें झूठा श्रेय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे अपने चुनावी एजेंडे में शामिल किया था और अब कांग्रेस इसके साथ अपना चुनावी वादा पूरा करने का दावा कर रही है।

भाजपा की ओर से शनिवार को एक ट्विट किया गया, जिसमें लिखा है- 'भारत सरकार के निर्देश पर पीएसीएल चिट-फंड पीड़ितों के पैसे वापस करने फार्म भरवाए जा रहे हैं, लेकिन बदलापुर सरकार इसका श्रेय लेने विज्ञापन का ढिंढोरा पीट रही है। बदलेश जी कल को शायद नेशनल हेराल्ड कब्जा मुक्ति का भी श्रेय लेना चाहेंगे!'
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ट्विट करते हुए चिटफंड पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने का अपना वादा पूरा करने की बात कही थी। उन्होंने अपने ट्विट में लिखा था- जो कहा, सो किया।

वादे के अनुसार लाखों चिटफंड पीड़ितों को उनके डूबे हुए पैसों की वापसी की औपचारिक प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। आप अपने जनपद पंचायत में निःशुल्क सुविधा केंद्र में जाकर फॉर्म भर सकते हैं। पहले सरकार ने आपकी जमीन लौटाई और अब आपके पैसे लौटाने की बारी है।
बता दें कि सेबी के निर्देश पर पीएसीएल लिमिटेड के निवेशकों को उनके निवेश की धन राशि की वापसी के लिए 1 मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए सभी जनपद पंचायतों में निःशुल्क सुविधा केंद्र बनाए गए हैं। निवेशक सुविधा केंद्र में जाकर ऑनलाइन फार्म भरवा सकते हैं।