इंदौर: इंदौर लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर ताई-भाई की अंदरुनी खींचतान सतह पर आ गई. इंदौर में हुए प्रबुद्ध वर्ग के सम्मेलन में पोस्टर से कैलाश विजयवर्गीय की फोटो गायब रहना चर्चा का विषय बन गया. इस सम्मेलन में केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के साथ ही इंदौर, खंडवा और खरगोन लोकसभा क्षेत्र के प्रबुद्ध वर्ग के लोग शामिल हुए, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में होते हुए भी कार्यक्रम से दूर रहे ही साथ ही पोस्टर से भी गायब दिखाई दिए जिस पर सुमित्रा महाजन समेत पार्टा के बड़े नेता सफाई देते नजर आए.

बीजेपी की शीर्ष राजनीति में ताई और भाई खास महत्व रखते हैं लेकिन मालवा में इन दोनों के बीच राजनीतिक जंग छिड़ी रहती है. पिछले दो दशक से वर्चस्व की ये लड़ाई जारी है यही कारण है कि आज इंदौर में हुए प्रबुद्ध वर्ग के सम्मेलन से न केवल भाई यानि कैलाश विजयवर्गीय गायब रहे बल्कि मंच पर लगे बड़े पोस्टर से भी उनकी तस्वीर गायब दिखाई दी जबकि पोस्टर पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के अलावा प्रभात झा की फोटो भी लगी थी. लेकिन इनमें से कईयों में कद से ऊपर कैलाश विजयवर्गीय की फोटो न होना चर्चा का विषय बन गई और एक बार फिर ताई भाई की खींचतान सतह पर दिखाई दी. हलांकि बाद में ताई यानि सुमित्रा महाजन और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने अपनी सफाई दी और पार्टी में सबकुछ ठीक होने का दावा किया.
इंदौर में ताई हमेशा कैलाश विजयवर्गीय की स्वयंभू राजनीति के खिलाफ मोर्चा खोलती रही हैं. विधानसभा चुनाव में इंदौर के टिकटों को लेकर ताई -भाई का झगड़ा अभी पुराना नहीं हुआ था कि एक और मामला सामने आ गया. दरअसल 75 की उम्र पार कर चुकीं ताई इस बार फिर लोकसभा चुनाव में ताल ठोक चुकी हैं जबकि इंदौर लोकसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कैलाश विजयवर्गीय लम्बे समय से कर रहे थे. यही कारण था कि उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. लेकिन ताई के एक बार फिर चुनाव की तैयारी ने कैलाश के मंसूबों पर पानी फेर दिया है जिसके चलते एक बार फिर दोनो के बीच खींचतान शुरू हो गई है.