हजारीबाग : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से बागी तेवर अपना चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा सक्रिया रूप से महागठबंधन की सियासत में शामिल हो चुके हैं. वह बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार को रोकने के लिए हर वह कोशिश करते दिख रहे हैं, जो वह कर सकते हैं. झारखंड के हजारीबाग में उन्होंने बुधवार को कहा कि सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर विपक्षी दलों के अंतिम मुहर के बाद ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित महागठबंधन पर अंतिम निर्णय हो सकता है.

यशवंत सिन्हा ने कहा कि बीजेपी नीत एनडीए के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन का मूर्त रूप लेना अभी बाकी है. उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य स्तरीय गठबंधन हो रहा है. राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के गठबंधन का फैसला अभी नहीं किया गया है. इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन का उदाहरण दिया.

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह महागठबंधन के लिए प्रचार करेंगे तो यसवंत सिन्हा ने कहा कि वह राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन के अंतिम रूप लेने तक किसी चीज की गारंटी नहीं दे सकते हैं.
इस दौरान उनसे यह सवाल भी पूछा गया कि क्या वह हजारीबाग में भी बीजेपी के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे. यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब देने का अभी वक्त नहीं आया है. ज्ञात हो कि उनके बेटे जयंत सिन्हा हजारीबाग सीट से सांसद हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उनके इसी सीट से लड़ने की संभावना दिख रही है.