जगदलपुर। शहर से लगे ग्राम बिलोरी के बेतालपारा में रहने वाला बिरले बघेल अपने अनोखे काम के कारण क्षेत्र में बिरले ही है जिसने बीते छह साल में लोगों से बचाकर डेढ़ सौ से ज्यादा भुजंगों को पकड़ कर माचकोट में छोड़ चुके हैं। नॉलेज चैनल डिस्कवरी देखकर सांप पकड़ने की कला सीखने वाले बिरले का कहना है कि आदमी हिम्मत दिखाए तो देख- सुन कर भी बहुत कुछ सीख सकते हैं।

शहर से नौ किमी दूर बिलोरी पंचायत के बेतालपारा में रहने वाला बिरले पिता दीनबंधु बघेल सड़क किनारे छोटी सी दुकान चलाता है। उसने शुक्रवार की सुबह झाड़ी में करीब पांच फीट लंबा दूधनाग पकड़ा और रात नौ बजे उसे जंगल में छोड़ भी आया। नईदुनिया से चर्चा करते हुए उसने बताया कि डिस्कवरी चैनल देख खतरनाक सांप पकड़ना सीखा।
पिछले छह साल से वे अपने क्षेत्र में 150 से ज्यादा नाग और दूसरे सांपों को पकड़कर बस्ती से दूर जंगल में छोड़ चुके हैं। उसने कभी नाग का जहर या उनके दांतों को नहीं तोड़ा। नागों को सुरक्षित स्थानों में छोड़ते हैं ताकि उसे ग्रामीण नुकसान न पहुंचाएं। अब वे इस कला में निपुण हो गए हैं, इसलिए अब तक सर्पदंश से बचे हुए हैं। भाटीगुड़ा के ऋषि यादव बताते हैं बिरले ग्रामीणों के बुलाने पर सांप पकड़ने जाते हैं।