कांग्रेस (Congress) ने यूपी में बुधवार को महान दल से चुनावी गठबंधन करने की घोषणा की। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने इस आशय की घोषणा की। इस मौके पर महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य (Keshanv Dev Maurya) भी मौजूद थे। इस मौके पर प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल जी ने हमें बड़ा लक्ष्य दिया है। हम 2019 का चुनाव पूरे जी जान से लड़ेंगे। हमें सबको साथ लेकर चलना है। ऐसी सरकार बनानी है, जिसमें सभी वर्ग की भागीदारी हो। सभी समाज के लोग हों। हम इसी प्रयास में जुटे हैं कि ऐसी सरकार बनाएं। इसके लिए हम मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। 

वहीं सिंधिया ने महान दल के अध्यक्ष का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच सशक्त भारत के साथ सशक्त उत्तर प्रदेश बनाने की है। उन्होंने कहा कि महान दल केन्द्र और फिर प्रदेश में ऐसी सरकार बनाने में साथ काम करेगा जो जनता की सेवा के लिए तत्पर हो। केशव देव मौर्य ने कहा कि दलितों, पिछड़ों के आरक्षण को लेकर सभी पार्टियों ने हमें धोखा दिया है। सिर्फ कांग्रेस ही दलितों, पिछड़ों की हितैषी हैं। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया भी मौजूद थे। 

कांग्रेस ने जिस दल से गठबंधन किया जानें उसके बारे में 

कांग्रेस से गठबंधन करने वाले महान दल की स्थापना अध्यक्ष केशव देव मौर्या ने 2008 में की थी। केशव देव मौर्य मूलत जौनपुर की शाहगंज तहसील के रहने वाले हैं। इस पार्टी का मुख्यालय आगरा में है और यह दल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पूरी दमदारी से लड़ता है। 

इस दल ने पहली बार 2009 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन में दो सीटों पर लड़ा था। इसके बाद 2012 का विधानसभा चुनाव 70 सीटों पर अकेले लड़ा। इसके बाद  2014 का लोकसभा चुनाव में फिर कांग्रेस के साथ गठबंधन करते हुए 3 सीट पर चुनाव लड़ा। वहीं 2017 का विधानसभा चुनाव में महान दल ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा। इस दल के 2017 में पहले भाजपा और फिर सपा में शामिल होने की चर्चा थी। 

सपा के राम गोपाल ने कहा कि अब मौर्या भाजपा के पास चले गए हैं। इसके बाद  2018 में मध्य प्रदेश में भी दो सीटों पर चुनाव लड़ा। टीकमगढ़ में जटारा सीट पर पार्टी का प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहा। इस पार्टी का बेस वोटर मौर्या, सैनी, कुशवाहा, शाक्य आदि हैं। प्रदेश में इनकी 14 फीसदी आबादी है। पश्चिमी उप्र में शाहजहांपुर, बदायूं,के अलावा एटा, कन्नौज, बरेली में शाक्यों में अच्छी पकड़ है।