भोपाल। किसी हैवान कि हवस का शिकार बनने के बाद जैसै तैसै हिम्मत जुटाकर समाज मे रह रही पीड़िताओं को अब सरकारी मदद देने के नाम पर अफसर चक्कर कटवाकर  ओर प्रताडित कर रहे हैं। गोरतलब हे कि मप्र अपराध पीड़ित प्रतिकार योजना 2015 के तहत राज्य सरकार बलात्कार, हत्या एवं दूसरे किसी भी अपराध की शिकार पीड़िताओं या उसके परिवार को आर्थिक मदद देती है। इसके बाद भी ज्यादती की शिकार भोपाल की करीब 55 युवतियां छह महीने से दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी अब तक मुआवजे के लिए परेशान हो रही हैं। इससे भी हैरानी भरी ओर शर्मनाक बात यह है, कि सरकार के पास इन पीड़िताओं को मुआवजा देने के लिए बजट ही नहीं है। जानकारी के अनुसार अपराध पीड़ित प्रतिकार समिति को रेप पीड़िताओं को मुआवजा देने के लिए 60 से 65 लाख रुपए के बजट की जरूरत है, जबकि समिति के अकाउंट में मात्र 19 हजार रुपए ही बचे हैं। समिति इस बारे में महिला एवं बाल विकास विभाग को पत्र भी लिख चुकी है, लेकिन विभाग ने न तो पत्र का जवाब दिया और न ही बजट। गौरतलब है कि भोपाल अपराध पीड़ित प्रतिकार समिति के पास फिलहाल ऐसे 60 मामले लंबित हैं। इनमें से 90 फीसदी दुष्कर्म पीड़िताएं हैं और इनमें भी 80 फीसदी नाबालिग हैं, जो घटना के बाद से ही आर्थिक मदद पाने महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।