न्यूर्याक ।  शरीर में होने वाली अलग-अलग बीमारियों खासतौर पर कैंसर का मोटापे से क्या संबंध है यह जानने के लिए एक मशहूर हेल्थ बोर्ड ने एक स्टडी करवायी जिसके नतीजे यह बताते हैं कि मोटापे से जुड़ा कैंसर रिस्क हाल के सालों में करीब 40 प्रतिशत बढ़ गया है। इतना ही नहीं अगर आप मोटापे का शिकार हैं, अगर आपका वजन ज्यादा है, अगर आप ओवरवेट हैं तो आपको एक नहीं बल्कि 13 तरह का कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन की एक स्टडी के मुताबिक कैंसर से पीड़ित जिन 60 हजार लोगों की जांच की गई उनमें मोटापा और वजन से जुड़े मामले एक कॉमन लिंक के तौर पर पाए गए। इस स्टडी और रिसर्च के दौरान जिन मरीजों की जांच की गई उनमें 13 अलग-अलग तरह के कैंसर पाए गए। जैसे- ब्रेन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, थायरॉइड कैंसर, गॉल ब्लाडर कैंसर, पेट का कैंसर, लिवर कैंसर, पैनक्रियाज कैंसर, कोलोन कैंसर, यूट्रस कैंसर, ओवरीज कैंसर आदि। मोटापे के अलावा धूम्रपान यानी स्मोकिंग भी कैंसर बढ़ाने वाला एक अहम कारक है। इसमें कोई शक नहीं कि मोटापा लाइफस्टाइल से जुड़ी एक तरह की बीमारी है जिसकी वजह से शरीर में कई तरह की बीमारियां और हो जाती हैं जिसमें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी भी शामिल है। यह स्टडी और रिसर्च एक ऐसे समय पर आयी जब दुनिया की करीब-करीब दो तिहाई आबादी मोटापे की समस्या से जूझ रही है जिसमें वयस्कों के साथ-साथ बच्चों में भी मोटापे का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कैंसर का खतरा कई दूसरे फैक्टर्स पर भी निर्भर करता है जिसमें वातावरण से जुड़े फैक्टर्स भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा तंबाकू का सेवन और केमिकली प्रोसेस्ड फूड प्रॉडक्ट के सेवन से भी कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन मोटापा, लाइफस्टाइल से जुड़ी एक अहम समस्या है जिस वजह से कैंसर होने की आशंका भी बढ़ जाती है। लिहाजा वजन कम करना सिर्फ इसलिए ही जरूरी नहीं कि ताकि आप अच्छे दिखें और अच्छे कपड़े पहन सकें बल्कि इसका बहुत हद से संबंध आपकी सेहत से भी है। जैसे-जैसे आपके शरीर में फैट सेल्स बढ़ने लगते हैं वैसे-वैसे आपकी ब्रीदिंग धीमी होने लगती है, मेटाबॉलिज्म का लेवल बदलने लगता है, इंसुलिन तेजी से बढ़ने लगता है, हॉर्मोन्स का बैलेंस गड़बड़ाने लगता है और इन सभी वजहों से आपको कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।