भोपाल । नगरीय विकास और आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा है कि भोपाल-सीहोर और इंदौर-उज्जैन-देवास का अलग-अलग मास्टर-प्लॉन के साथ ही इन्हें मिलाकर व्यापक मास्टर-प्लॉन भी बनायें। आवश्यकतानुसार प्लॉनर आउटसोर्स करें। सिंह नगर एवं ग्राम निवेश तथा विकास प्राधिकरणों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
सिंह ने कहाकि विभिन्न प्राधिकरणों में लम्बित प्रस्तावों को पूरा करने के लिये नीति बनायी जायेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी नया प्रस्ताव तैयार करने के पहले सर्वे कर वॉयबिलिटी प्लॉन बनायें। इसके बाद ही कार्य शुरू करें।
- स्टॉफ का युक्ति-युक्तकरण करें
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री सिंह ने कहा कि स्टॉफ का युक्ति-युक्तकरण करें। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल प्रोजेक्ट भी बनायें। सिंह ने कहा कि मास्टर-प्लॉन सुविचारित हो। सिंह ने कहा कि वचन-पत्र में शामिल बिन्दु सेटेलाइट टाउनशिप और शहर के बाहर नया रिहायशी क्षेत्र विकसित करने की भी प्लॉनिंग करें।
प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे ने कहा कि प्रोजेक्ट पूरे करने में जो कठिनाइयाँ आ रही हैं, उनकी संक्षिप्त टीप भेजें। इसके आधार पर नयी नीति बनाने पर विचार किया जायेगा। संचालक नगर एवं ग्राम निवेश शोभित जैन ने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों और उनमें आ रही कठिनाइयों की जानकारी दी। बैठक में विकास प्राधिकरणों के सीईओ उपस्थित थे।