जबलपुर। बार कौंसिल  ऑफ इंडिया के आह्वान पर मंगलवार १२ फरवरी को पूरे भारत के २० लाख से भी अधिक अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। ये मांगें अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा के मसले, यथा-चेम्बर्स, बैठने की सुविधा, ई-ग्रंथालय, इन्टरनेट सुविधाओं, अधिवक्ताओं व उनके परिवार के सदस्यों के बीमा, ५ वर्ष की प्रेक्टिस वाले कनिष्ठ अधिवक्ताओं के लिये १०,०००/- प्रतिमाह की स्टाइपेन्ड का भुगतान, अधिवक्ताओं व उनके आश्रितों के लिये असामाजिक मृत्यु अथवा शारीरिक अक्षमता, विकलांगता (किसी रोग अथवा दुर्घटना की स्थिति में) आर्थिक सहायता और इस हेतु केन्द्रीय बजट में ५००० करोड़ रुपये का प्रावधान इत्यादि हैं। उक्ताशय की जानकारी म.प्र. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदर्श मुनि त्रिवेदी ने सोमवार को दी। इस अवसर पर अधिवक्ता संजय वर्मा अमित जैन सीएम तिवाराr एवं आशीष त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
    श्री त्रिवेदी ने बताया कि म.प्र. के लगभग ०१ लाख अधिवक्ता १२ फरवरी को न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने हेतु ’विरोध मार्च’ सड़कों पर करेंगे। जबलपुर में १२ फरवरी को म.प्र. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, स्टेट स्टीयरिंग कमेटी के तत्वावधान में मध्यान्ह १ बजे सिल्वर जुबली हॉल उच्च न्यायालय में एकत्रित होकर सभी अधिवक्ता गण वेष में कलेक्ट्रेरेट पहुंच कर कलेक्टर को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम दो पृथक ज्ञापन ’प्रोटेस्ट रैली‘ के समापन पर सौंपेंगे।