छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कृमि और डीईसी (पेट के कीड़े मारने वाली) की दवा खाकर तखतपुर और सीपत क्षेत्र के करीब दो दर्जन से ज्यादा स्कूली बच्चों की तबीयत खबर हो गई है. इनमें से 3 गंभीर बच्चों को परिजनों ने सिम्स में भर्ती कराया है. वहीं इलाज के बाद एक बच्चे की हालत में सुधार आने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं दो बच्चे खुशबू बंजारे और आकांक्षा सूर्यवंशी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें सिम्स रेफर किया गया है.

दरअसल, शुक्रवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति और फाइलेरिया उन्मूलन के तहत तखतपुर और सीपत क्षेत्र के स्कूली बच्चों को कृमि और डीईसी की दवा खिलाई गई थी. दवा खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब हो गई, जिसे शिक्षकों ने नजदीकी अस्पतालों में भर्ती करा था. वहीं 3 बच्चों की हालत खराब होने से परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कराया था.

फिलहाल, इस घटना के बाद बीमार बच्चों को अभी तक न तो शिक्षा विभाग के अधिकारी देखने पहुंचे हैं और ना ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई सुध लेनी जरूरी समझी है. बच्चों का इलाज परिजन करा रहे हैं और जवाबदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे. ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति और फाइलेरिया उन्मूलन के तहत बच्चों को दवा खिलाने के बाद कैसे छोड़ दिया जाता है.