आप एक सप्ताह में या फिर एक महीने में कितनी बार सेक्स करते हैं? क्या आपके सेक्स करने की फ्रीक्वेंसी यानी संख्या उतनी नहीं है जितना आप चाहते हैं? अगर आप इस बात को लेकर परेशान हैं तो हो सकता है आपका सेक्स करने का तरीका नहीं बल्कि टाइमिंग गलत हो। एक बार फिर अपने सेक्स शेड्यूल पर नजर डालें और इस बात को समझने की कोशिश करें कि हो सकता है आप जिस समय को सेक्स के लिए बेस्ट मानते हों, दरअसल वह सेक्स करने का बेस्ट समय न हो। 

जी हां, फ्रंटियर्स इन साइकॉलजी द्वारा करवाई गई एक स्टडी की मानें तो महिलाओं और पुरुषों के लिबिडो यानी कामेच्छा में काफी अंतर होता है। ऐसा जरूरी नहीं कि दोनों एक साथ एक ही वक्त पर सेक्स करना चाहें। महिलाओं की सेक्स ड्राइव जहां शाम के वक्त सबसे ज्यादा रहती है, वहीं पुरुष सुबह के वक्त सबसे ज्यादा सेक्शुअली ऐक्टिवेटेड फील करते हैं। रिसर्च में शामिल डेटा में भी यही बात सामने आयी है कि ज्यादातर कपल्स रात 9 बजे के बाद से लेकर सोने से पहले तक सेक्स करते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स की मानें तो सोने से पहले सेक्स करना सही नहीं है। हो सकता है कि दिन खत्म होने और सोने से पहले आपको सेक्स करना आसान और सुविधाजनक लगता हो लेकिन डॉ माइकल ब्रूअस जिन्हें स्लीप डॉक्टर भी कहा जाता है इसे सही नहीं मानते। डॉ माइकल की मानें तो रात के वक्त सोने से पहले बहुत से कपल्स सेक्स करते तो जरूर हैं लेकिन इस वक्त उन्हें बेस्ट सेक्स एक्सपीरियंस नहीं होता। इसकी वजह यह है कि दिन भर की थकान के बाद आपकी बॉडी थकी हुई होती है और आप इस वक्त सेक्स को इंजॉय नहीं कर पाते हैं। 

डॉ माइकल कहते हैं कि मॉर्निंग सेक्स सबसे अच्छा रहता है क्योंकि रातभर की अच्छी नींद के बाद आप सेक्स को अच्छी तरह से इंजॉय कर सकते हैं। सुबह उठने के बाद दोनों पार्टनर एनर्जी से भरपूर होते हैं और उस वक्त उनका हॉर्मोन पीक पर होता है जिससे आप बेहतर सेक्स कर पाएंगे। साथ ही डॉ माइकल की मानें तो मॉर्निंग सेक्स करने के बाद दोनों पार्टनर ज्यादा फ्रेश और तरोताजा महसूस करते हैं और फिर वह पूरी एनर्जी के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं। 

हालांकि मॉर्निंग सेक्स सभी के लिए बेहतर नहीं है। खासतौर पर उन कपल्स के लिए जिनका वर्क शेड्यूल बेहद हेक्टिक और अनियमित हो। हालांकि सेक्स के दौरान इस बात का ख्याल रखें कि आपके पैशन में किसी तरह की कोई कमी आए।