इन्दौर ।  कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री सचिन यादव ने आज वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों को सम्बोधित करते हुये कहा कि राज्य सरकार गांव,गरीब और किसानों की सरकार है। राज्य सरकार ने किसानों की कर्ज माफी का वायदा पूरी किया है। आगामी 22 फरवरी तक अधिकांश पात्र किसानों के कृषि ऋण माफ हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि खेती के लिये वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों से सुझाव मांगने के लिये आज यह बैठक आयोजित की गयी है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों के सुझावों पर राज्य सरकार अमल करेगा। इस तरह की बैठकें संभाग स्तर पर समय-समय पर होती रहेंगी।
रेसीडेंसी में आज आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि केन्द्रीय कृषि एवं उद्यानिकी विश्वव़िद्यालय की स्थापना मालवा या निमाड़ क्षेत्र में की जाये। सब्जी और फल निर्यात के लिये इंदौर में ऐसा केन्द्र बनाया जाये, जो प्रतिदिन प्लेन से सब्जी और फल विदेश निर्यात कर सके। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में टमाटर का उत्पादन बहुत अधिक होता है। इस क्षेत्र में टमाटर पर आधारित कृषि प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जाना चाहिये। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि बीएससी एग्रीकल्चर डिग्री को व्यवसायिक डिग्री की मान्यता दी जाये। प्रदेश में अरहर उत्पादन को बढ़ावा दिया जाये। प्रायवेट कॉलेजों से  तीन वर्षीय डिग्री प्राप्त स्नातकों के स्थान पर साढ़े चार वर्ष में कृषि स्नातक की डिग्री प्राप्त स्नातकों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाये। बीज उत्पादन के लिये शासन द्वारा बड़े-बड़े केन्द्र बनाये जायें तथा उन्नत नस्ल के बीज को मंडी टैक्स से मुक्त किया जाये।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिला एवं संभाग स्तर पर कृषि सलाहकार समिति का गठन किया जाये, उसमें वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों को शामिल किया जाये। बैठक में एक कृषि वैज्ञानिक ने सुझाव दिया कि निमाड़ क्षेत्र में उन्नत किस्म के कपास बीज किसानों को दिये जायें। इसके अलावा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आदिवासियों को मुफ्त में ट्युबवेल सेट दिये जायें,जिससे सिंचाई का रकबा चार गुना बढ़ जाये। उन्होंने कहा कि झाबुआ जिले के थांदला और पेटलावद क्षेत्र में टमाटर बहुल अधिक पैदा होता है। वहां पर किसी भी प्रायवेट कम्पनी द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने से किसानों को टमाटर का सही मूल्य मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी। वहां के किसानों के टमाटर दलालों के जरिये प्रतिदिन कम कीमत पर खरीदे जा रहे हैं और उसे दिल्ली,मुम्बई सप्लाई किया जा रहा है। बैठक में बड़ी संख्या में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक मौजूद थे। ये सभी कृषि कॉलेज इंदौर के भूतपूर्व छात्र थे। इस अवसर पर देपालपुर क्षेत्र के विधायक श्री विशाल पटेल भी विशेष रूप से मौजूद थे।