मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन राजनीतिक स्वार्थ के लिए किया गया है। दोनों के एक साथ आ जाने के लिए उन्हें निपटाना भाजपा के लिए आसान हो गया है। 

रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक निजी टीवी चैनल के साथ बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी गठबंधन के लिए उतावली थी। बसपा यदि गठबंधन में 10 सीटें भी देती तो भी सपा लेने को तैयार थी। उन्होंने कहा कि जनता समझ रही है कि इस गठबंधन का क्या उद्देश्य है और भविष्य है? गठबंधन यह नहीं बता रहा है कि प्रधानमंत्री पद का चेहरा मायावती होंगी या मुलायम सिंह यादव? योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भाजपा इस बार भी प्रचंड बहुमत से चुनाव में जीतेगी। 

इससे पहले कुंभ के आयोजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस समय प्रयागराज में 71 देशों का झंडा लहरा रहा है जो कुंभ को वैश्विक समर्थन का प्रतीक है। इन सभी 71 देशों के राजदूतों ने स्वयं प्रयागराज आकर अपने देश का राष्ट्र ध्वज यहां स्थापित किया है। प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है कि आगामी 22 फरवरी को दुनिया के 192 देशों के प्रतिनिधि प्रयागराज कुंभ में सहभागी बनें। 

उन्होंने कहा कि कुंभ मानवता का सबसे बड़ा अध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम है। यही वजह है कि यूनेस्को ने इसे मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी हुई है। मानवता का यह समागम संगम इस बार अलौकिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक घटना के रूप में याद किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में किले में अक्षयवट और सरस्वती कूप का दर्शन इस कुंभ का विशेष आकर्षण होगा। श्रद्धालु 450 वर्षों बाद इसका दर्शन कर पाएंगे। अक्षयवट को द्वादश माधव में गिना जाता है। उनकी सरकार ने उद्धार किया है लोगों को इसके दर्शन की सुविधा दी है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के अलावा हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में भी कुंभ का आयोजन होता है, लेकिन इन चारों कुंभ में प्रयागराज कुंभ की अपनी विशिष्टता है। यह विशिष्टता इसलिए है क्योंकि यहां देश की सात पवित्र नदियों में तीन नदियों का संगम होता है। 

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