मकर संक्रांति पर चीनी मांझा के उपयोग से बचे 
भोपाल । राजधानी की कई पतंगों की दुकानों पर चाइनीज मांझे धडल्ले से बिक रहे हैं। इनके डोर में उलझकर आपकी जिंदगी की डोर कट सकती है। चायनीज मांझे में मजबूती के लिए धातु के छोटे-छोटे टुकड़े लगे हुए हैं। यह मांझा बिजली की तारों में उलझकर करंट का झटका दे सकता है। साथ ही किसी के गले में फंसकर उसे घायल भी कर सकता है। एक दिन पहले ही जयपुर में कटी पतंग का मांझा पकड़कर उड़ाने के फेर में 9 साल की बच्ची की मौत हो गई। उसका मांझा हाइटेंशन लाइन में उलझ गया था, जिससे करंट लग गया। कलेक्टर भोपाल सुदाम खाडे ने चाइनजी माझा उपयोग नहीं करने की सलाह दी है। मकर संक्रांति पर्व को लेकर शहर में इन दिनों खूब पतंगबाजी हो रही है। पतंग की ऊंचाई अधिक होने से इसका चाइनीज मांझा तलवार की तरह वार कर रहा है। बाजार में चाइनीज मिश्रित धातु वाला मांझा बिक रहा है। दुकानदारों का कहना है कि पहले पतंग और मांझा भोपाल में ही बनता था, जो सॉफ्ट होता था। अब इस कारोबार में चाइनीज माझा ने अपनी पकड़ बना ली है। चाइनीज मांझा हवा के दबाव को कम कर पतंग को ऊंचाई पर ले जाता है। पतंग के मांझे को मजबूत, धारदार बनाने के लिए कांच के बारीक टुकड़ों के अलावा धातुओं के अति सूक्ष्म कणों का भी इस्तेमाल किया जाता है। जिसे गोंद की मदद से धागे पर चिपकाया जाता है। इससे मांझे पर बारीक परत चढ़ जाती है। इसकी वजह से कई बार लोगों की उंगलियां कट जाती हैं। बाजार में इसी तरह के मांझे की डिमांड ज्यादा रहती है। इसकी वजह है पतंगबाजी के दौरान मांझा हवा को काटने में सक्षम है और दबाव में टूटता नहीं। 
    कोलार रोड स्थित मंदाकिनी मैदान में मकर संक्रांति पर्व पर 14 जनवरी को अलौकिक सेवा समिति के तत्वावधान में 22वां पतंगोत्सव होने जा रहा है। इसमें राजधानी के ही अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। समिति अध्यक्ष विजय शंकर दीक्षित ने बताया कि इस वर्ष 16 टीमों को बुलाया है। उन्होंने बताया कि अंडे की लुगदी से बने मांझे बरेली से और पतंग लखनऊ से खरीदी गई हैं। धारदार चाइना और पांडा माझा की मांग है, लेकिन इसको सुरक्षा के मद्देनजर नहीं बुलाया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, विधायक आरिफ मसूद और इंदौर के विधायक संजय शुक्ला होंगे। सुबह 10.30 से प्रतियोगिता शुरू होगी। विंध्याचल अकादमी के छात्रों की देख-रेख में पतंग के कन्ने बांधे जाएंगे। जिला प्रशासन ने अनुमति दी है। सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। राजधानी के डॉ.सुरेश कुमार के अनुसार, कई बार हमारे पास मांझे से उंगली काटने के मामले आते हैं, लेकिन अगर इससे किसी का गला कट जाए तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। गर्दन में कई महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं,जैसे खून की जरूरी नसें, आहार नली और सांस नली होती है। मांझे से इन हिस्सों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में धातुओं से बने मांझे से सावधान रहने की जरूरत है। धातु मिश्रित चाइनीज मांझे में फंसने से पक्षियों की मौत भी हो रही है।