भोपाल ।राजधानी में  संचालित उचित मूल्य की दुकानों की अब नियमित जांच होगी। राशन की दुकानों के खुलने के समय में भी प्रशासन ने बदलाव किया है। अब राशन की दुकानें सुबह नौ बजे से खोली जाएगी। राशन दुकानों की यह जांच 13 बिंदुओं पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम करेंगे। इसके लिए रोस्टर तैयार कर दिया गया है। इतना ही नहीं राजस्व के अलावा खाद्य विभाग के अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भी दो माह में एक बार नियमिति रूप से राशन दुकानों का निरीक्षण करेंगे। जिसकी रिपोर्ट टाइम लिमिट की बैठक में रखी जाएगी। यह आदेश कल जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ज्योतिशाह नरवरिया ने जारी कर दिया है। दरअसल, विगत दिनों खाद्य मंत्री के दौरे के दौरान दो राशन दुकानों में गंभीर अनियमित्ताएं पाई गई थी। जिसके बाद दोनों राशन दुकानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। अब राशन दुकानों के खुलने, जांच होने और उपभोक्ताओं को सुगमता से राशन वितरण की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। सभी उचित मूल्य दुकान के विक्रेता एप्रिन पहनकर ही राशन का वितरण करेंगे। जिसमें नाम पट्टिका पर विक्रेता का नाम, उचित मूल्य दुकान का नाम एवं क्रमांक स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। सभी उपभोक्ताओं को प्रिंटेड रसीद देने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करें।
     इसके अलावा यह निर्देश भी जारी किए गए कि  राशन दुकानों पर स्टॉक भाव सूची बोर्ड, मुख्य बोर्ड में अनिवार्य रूप से लिखे। गेहूं, चावल, नमक के सैंपल 500 ग्राम के प्लास्टिक के डिब्बों में रखें। उत्तम गुणवत्ता का राशन ही वितरण किया जाए। चावल परीक्षण उपरांत ही वितरित करें। चूहों, कीटों से खाद्यान्न का बचाव करने की कार्रवाई करें। जिन पात्र सदस्यों का आधार हट गया है उन्हें दोबारा पीओएस में दर्ज करें। किसी भी उपभोक्ता को सील बोरा न दें बोरा खोलकर परखी से जांच के बाद खराब होने पर वितरण न करें और इसकी सूचना कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को तत्काल दें।राशन दुकानों के पूरे फर्श पर अच्छी गुणवत्ता की मोटी तिरपाल बिछाकर रखें तथा स्टेक लगाकर अलग-अलग गेहूं, चावल रखे। खुला हुआ खाद्यान्न टिन के बर्तन या बैरल में रखे। विक्रेता द्वारा खाद्यान्न के उठाव के लिए डीडी समय पर नागरिक आपूर्ति निगम में जमा की जाए तथा पीओएस मशीन से खाद्यान्न प्राप्ती की रसीद नागरिक आपूर्ति निगम को प्रदाय की जाए। गेहूं, चावल एवं नमक का नीचे का बचा हुआ खराब स्कंध झाडन प्रतिदिन इकठ्ठा कर पृथक रजिस्टर में मात्रा की एंट्री करें तथा उचित मूल्य दुकान से अलग करें। अमानक स्तर का खाद्यान्न पाए जाने पर उप संचालक खाद्य एवं औषधी विभाग, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, जिला प्रबंधन वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन भोपाल को सूचित कर खाद्यान्न की सैंपलिंग करवाकर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण करवाएं।