विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने 71 साल के बाद ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा  है। इस सीरीज में भारत ने भारत ने एडिलेड में खेला गया पहला टेस्ट मैच 31 रनों से जीता था जबकि पर्थ में हुए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 146 रनों से हराते हुए 1-1 से सीरीज बराबर कर दी। मेलबर्न में भारतीय टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबानों का 137 रनों से हराकर सीरीज में 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। सिडनी में चौथा टेस्ट ड्रॉ रहने पर टीम इंडिया ने 2-1 से ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीत ली। बारिश के कारण पांचवें और अंतिम दिन का खेल शुरु नहीं हो पाया और अंपायरों ने लंच के बाद मैच ड्रॉ करने का फैसला किया। इसी के साथ ही भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। 
विराट ने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया
कप्तान विराट ने ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीतने को अपनी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है। जीत के बाद उत्साहित विराट ने इस जीत का श्रेय टीम के एक इकाई के तौर पर काम करने को दिया। दिया। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि टीम का हिस्सा बनते हुए मुझे इससे ज्यादा खुशी कभी नहीं हुई। मैंने यहीं पहली बार कप्तानी की थी और आज यहां हम इस जगह पर पहुंचे हैं। मुझे भरोसा नहीं हो रहा है कि 4 साल बाद हम यहां टेस्ट सीरीज जीते हैं। मैं सिर्फ एक शब्द कहना चाहता हूं- इस टीम की कप्तानी करते हुए मैं मुझे गर्व है और मैं खुद को खुशकिस्मत समझता हूं। खिलाड़ी कप्तान को बेहतर दिखाते हैं।' 
भारतीय कप्तान ने कहा, 'यह मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। जब 2011 में हम विश्व कप जीते थे तो मैं टीम का सबसे युवा सदस्य था। मैंने सबको वहां भावुक होते देखा था। मुझे वहां वह अहसास नहीं हुआ। अब यहां तीन बार आने के बाद मैं कह सकता हूं यह सीरीज जीतना मेरे लिए कुछ अलग है।' कोहली ने कहा कि यह सीरीज हमें अलग पहचान देगी। उन्होंने कहा, 'हम वह हासिल करने में कामयाब रहे जिस पर गर्व कर सकते हैं।' कोहली ने इस मौके पर अपनी टीम के साथी खिलाड़ियों की खूब तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर पुजारा की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं पुजारा का नाम खास लेना चाहूंगा। वह सीरीज मे शानदार खेले। उन्होंने कहा कि पुजारा का पिछला ऑस्ट्रेलिया दौरा अच्छा नहीं रहा था लेकिन इस बार उन्होंने बढ़िया खेल दिखाया। उन्होंने कहा, 'पुजारा लगातार सीखना चाहते हैं। वह अपने खेल पर काम करते हैं। वह टीम के सबसे अच्छे सदस्यों में से एक हैं। मैं उनके लिए काफी खुश हूं।' 
कोहली ने इस सीरीज में डेब्यू करने वाले युवा बल्लेबाज मयंक अग्रवाल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'वह बॉक्सिंग डे टेस्ट में चैंपियन की तरह खेले। यह उनकी मानसिक दृढ़ता का परिचय देता है।' उन्होंने कहा कि एक बल्लेबाजी यूनिट के रूप में हम सभी मिलकर अच्छा खेले। कोहली ने अपने गेंदबाजों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'गेंदबाजों ने सिर्फ यहीं नहीं दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में भी दमदार खेल दिखाया था।' 
यह विश्वकप से बड़ी जीत : शास्त्री 
वहीं टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम को मिली ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि ये जीत 1983 विश्वकप से भी बड़ी जीत है। इसके साथ ही शास्त्री ने टीम इंडिया के कप्तान विराट और टीम को इस उपलब्धि के लिए सैल्यूट भी किया। शास्त्री ने कहा कि, 'मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह जीत मेरे लिए कितनी संतुष्टिदायक है। विश्व कप 1983 और  विश्व चैंपियनशिप 1985 से भी यह जीत इसलिए बड़ी है क्योंकि यह खेल के सच्चे प्रारूप टेस्ट क्रिकेट में मिली है।'
वहीं कप्तान विराट ने कहा, 'सबसे पहले कहना चाहता हूं कि इस टीम का हिस्सा बनने पर सबसे ज्यादा गर्व है। हमारी टीम में बदलाव की प्रक्रिया इसी मैदान से शुरू हुई। मैंने कप्तानी संभाली और चार साल के बाद यहां जीत दर्ज की। इस टीम का नेतृत्व करने पर सिर्फ एक ही शब्द कहूंगा- गर्व। यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि इस टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। हमारी टीम के लड़कों ने कप्तान का काम आसान किया।' इसी से हम इतिहास बनाने में सफल रहे हैं।