मुंबई । पिछले कई महीनों से अलग- अलग विवादों के साएं में घिरे फिल्म इंडस्ट्री में एक के बाद एक नया बवाल मच रहा है। मीटू मुहिम के थोड़ा ठंडा होने के बाद बुलंदशहर में गौ हत्या की अफवाह को लेकर हुई हिंसा पर नसीरुद्दीन शाह की एक टिप्पणी ने फिर देश और इंडस्ट्री का माहौल बदल दिया है। दरअसल बयान देते हुए नसरुद्दीन ने कहा था कि देश का माहौल बदल रहा है, ऐसे माहौल में अपने बच्चों को लेकर डर लगता है। नसीरुद्दीन द्वारा दिए गए इस बयान के बाद ही उन्हें सोशल मीडिया में ट्रोल किया जाने लगा। यहां तक कि लोगों ने उन्हें ट्रोल करते हुए देशद्रोही तक कह दिया। परंतु इस मामले में बॉलीवुड की बहुत कम ही लोग खुलकर सामने आए हैं। नसीरुद्दीन के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश झा ने कहा कि हमें एक दूसरे के विचारों को सुनना होगा, भले हम उनकी बात से सहमत हो या नहीं। परंतु एक दूसरे को नीचे गिराने और प्रताड़ित करने की बात नहीं होनी चाहिए। शुरू से लेकर अभी तक हमारे समाज में कई तरह के भेदभाव, धर्म, विचार, सोच, संस्कार, संस्थाएं रही है। आज भी हमारे समाज में हर चीज के प्रावधान बने हुए हैं।
आगे बोलते हुए झा ने कहा कि ऐसा तो नहीं है कि नसीर ने कुछ कहा है, तो उनके खिलाफ को बहुत बड़ा बवाल हो रहा है। उनकी बात सुनकर जिसको जो सोचना है सोचें, जिनको जो बोलना है बोलें। नसीर ने जो भी कहा वो उनके विचार हैं। उन्होंने कहा कि देश में किस तरह का माहौल है और इस माहौल में कौन कैसा महसूस करता है, वह समय-समय पर बदलता हैं। अपनी फिल्मों के दौरान होती विवादों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब मैंने फिल्म राजनीति, गंगाजल और आरक्षण बनाई, तो उस समय भी मुझे विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनका मतलब है कि आज देश का जो माहौल है, वह नया नहीं है, हमेशा ही ऐसा माहौल रहा है। हमारे देश में शुरू से ही समाज ज्यादा मजबूत है और हमेशा उसी की सुनी जाती है। जरूरत है तो हमारे अंदर हर चीज को सोचने, समझने और सुनने की शक्ति को विकसित करना, जो कि भारतीय समाज में हमेशा से रही है और आगे भी रहेगी, जिसे कोई बदल नहीं सकता।