रायपुर। देश भर के नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम रैंकिंग के लिए दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। वहीं रायपुर नगर निगम राजाधानी वासियों को स्वच्छ पानी पिलाने में नाकामयाब साबित हो रहा है। राजधानी रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की सारी योजनाएं फेल साबित हो रही हैं। राजधानीवासी गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। पीलिया ने एक बार फिर फाफाडीह के साहूपारा में अपना कहर बरपाया है।

साहूपारा में पिछले दो माह से पानी की पाइप लाइन फूटी है, जिस कारण पूरे मोहल्ले में पिछले दो माह से गंदा एवं बदबूदार पानी आ रहा है। मोहल्ले वासियों ने जोन कमिश्नर को कई बार शिकायत की, लेकिन जोन के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। निगम के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से साहूपारा के करीब एक दर्जन से अधिक लोग पीलिया से ग्रसित हुए हैं। मरीजों का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है।

वहीं निगम के अधिकारियों को पीलिया की भनक मिली तो उन्होंने आनन-फानन में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच करना शुरू कर दिया है। वहीं नगर निगम कमिश्नर ने जोन आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाब मांगा है।

राजधानी के जोन क्रमांक दो स्थित राजीव गांधी वार्ड के साहूपारा शीतला मंदिर से लेकर बड़े चबूतरे तक करीब सौ मीटर तक पेंच है। यहां पर करीब आठ दशक पुरानी सीमेंट की पाइप लाइन सड़क के नीचे से गई है। पाइप लाइन पिछले दो माह से फूट गई थी, जिस कारण आसपास का गंदा पानी पाइप लाइन के माध्यम से लोगों के घरों में जा रहा था।

मोहल्ले वासियों ने इसकी शिकायत पार्षद से की। पार्षद ने जोन दो के कमिश्नर से कई बार मोहल्ले में गंदा पानी आने की शिकायत की, लेकिन जोन कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिस कारण मोहल्लावासी बलराम साहू, कुमकुम, कामिनी, पुनीत और टिकेश्वरी, अनूपा एवं राजू साहू आदि पीलिया की चपेट में आ गए हैं। आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं कुछ लोग अस्पताल से दवा लेकर किसी तरह अपना काम चला रहे हैं।

निगम ने लगाया स्वास्थ्य कैंप

शीतला पारा मंदिर के पास साहू पारा में पीलिया की खबर फैलते ही निगम प्रशासन ने तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्लोरीन टेबलेट बांटने का काम शुरू कर दिया। नगर निगम के अधिकारियों का कहना कि पाइप लाइन के लीकेज होने की शिकायत शुक्रवार की सुबह मिली है।

उसके बाद नगर निगम द्वारा अपने पूरे अमले को तैनात कर लिकेज खोजने का काम शुरू किया गया। घंटो तलाशने के बाद निगम को पाईफ लाईन में लिकेज मिला जिसे सुधारा गया।

निगम कमिश्नर के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला शिविर लगाया जिसमें पीलिया के एक दर्जन से अधिक मरीज पाए गए हैं। निगम प्रशासन मुहल्ले वासियों को क्लोरीन तथा बीमार व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर शिविर में दवाएं उपलब्ध करा रहा है।

आखिर जागता क्यों नहीं निगम प्रशासन

 

पिछले तीन सालों में शहर के कई इलाकों में पीलिया से दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत हुई है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि राजधानी के ज्यादातर हिस्से में पानी की पाइप लाइन को नालियों से ले जाकर घरों तक पहुंचाया गया है। पीलिया से हुई मौत के बाद निगम प्रशासन ने कुछ हिस्से में पाइप-लाइन को बदलने का काम शुरू किया, लेकिन कई इलाके अब तक अछूते हैं।

जोन कमिश्नर को नोटिस

 

पीलिया के एक दर्जन से ज्यादा मरीज मिलने पर रायपुर नगर निगम कमिश्नर रजत बंसल अधिकारियों के साथ स्वंय मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शिविर एवं मोहल्ले में आने वाले पानी के सप्लाई की जांच किया। उसके बाद निगम कमिश्न ने जोन कमिश्नर को नोटिस देकर जबाब मांगा है। पीलिया के मरीजों की शनिवार को रिपोर्ट आएगी। उसके बाद लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारी के ऊपर गाज गिर सकती है।

- पाइप लाइन में कोई दिक्कत नहीं थी सालों पहले वहां सार्वजनिक नल कनेक्शन था, जिसकी वजह से पानी आने पर रिवर्स मारता था, इसलिए लोगों के घरों में शुरूआत के पांच से छह मिनट तक गंदा पानी आता था, लेकिन उसे दुरुस्त करा दिया गया है। संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी कर जबाब मांगा गया है। रजत बंसल, आयुक्त, नगर निगम रायपुर

 

- मोहल्ले में कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है। पार्षद ने कई बार जोन कमिश्नर से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसकी वजह से आज ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। शहर में जब पीलिया फैलता है, तब निगम के अधिकारी जागते हैं। - सूर्यकांत राठौर, नेता प्रतिपक्ष, रायपुर नगर निगम