भोपाल,  राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री के नाम पर रस्साकशी में गुरुवार सुबह नया ट्विस्ट आ गया है. मध्य प्रदेश में जो जंग पहले कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच होती दिख रही थी, अब उसमें एक तीसरा चेहरा उभर कर आया है.

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के चाणक्य माने जाने वाले दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह ने बुधवार शाम को करीब 30 विधायकों के साथ अलग से बैठक की. हालांकि, इस बैठक के मायने क्या हैं, इस पर कोई बात सामने नहीं आई है. लेकिन जिस प्रकार का माहौल है उससे कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. आपको बता दें कि जयवर्धन सिंह मध्य प्रदेश की राघौगढ़ विधानसभा सीट पर लगातार दूसरी बार जीत कर आए हैं.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि राहुल गांधी जो भी फैसला करेंगे वह सभी का मान्य होगा. दिग्विजय के साथ उनके बेटे जयवर्धन और पूरा परिवार मौजूद थे. जयवर्धन ने कहा कि उन्होंने विधायकों के साथ बैठक नहीं की है. सभी विधायक एक साथ हैं. दिग्विजय सिंह अपने परिवार के साथ पोते के लिए शॉपिंग करने के लिए मॉल पहुंचे थे.

वहीं, अगर दिग्विजय सिंह की बात की जाए तो वह चुनाव से पहले नर्मदा यात्रा निकालने के बाद उन्होंने कोई बड़ा बयान नहीं दिया था. दिग्विजय ने कहा था कि अगर मैं कोई बयान देता हूं तो पार्टी को नुकसान हो सकता है.

हालांकि, चुनाव के नतीजे आने के बाद दिग्विजय सिंह एक बार फिर फ्रंटफुट पर दिखे थे. नतीजों के बाद कमलनाथ के साथ लगातार बैठकें करना हो, राज्यपाल के पास सरकार बनाने के प्रस्ताव पेश करना हो दिग्विजय सिंह हर मोर्चे पर दिखे.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर कोई फैसला नहीं हो पाया था, विधायक दल ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर फैसला करने की जिम्मेदारी सौंप दी थी.