बिजावर(अखिलेश पटैरिया)-बिजावर बिधानसभा 52 के कांग्रेस प्रत्याशी शंकर प्रताप सिंह बुंदेला(मुन्ना राजा) बाहरी प्रत्यशी को बिजावर क्षेत्र की जनता स्वीकार करने को तैयार नही,यहाँ तक की लोगो ने अपने घर की दिवालो पर लेखन तक करवा दिया कि बाहरी प्रत्यशी वोट मांगकर शर्मिंदा न करें,मध्यप्रदेश में अस्तित्व खो चुकी कांग्रेस पार्टी अभी भी कांग्रेस  पार्टी जीत का दम भर रही है। कांग्रेस पार्टी राजाओ-महाराजो की भरमार है और ऐसे ही एक राजा साहब ने बिजावर की तरफ रुख किया है और अपने क्षेत्र को छोड़कर बिजावर बिधानसभा क्षेत्र से पैराशूट से प्रत्याशी बनकर कूद पड़े है चूकिं राजा साहब के अंदाज से नही लगता कि बह बिजावर की जनता की सेवा का भाव रखते है मतदान करने वाली जनता सब कुछ समझ रही है "ये पब्लिक है सब जानती है " और जनता ही इतिहास रचेगी और बिजावर बिधानसभा के लोग कह रहे है कि हमे शासक नही हमें सेवक चाहिए.क्षेत्र में जहाँ प्रचार-प्रसार का दौर जारी है
राजा साहब क्षेत्र में कुछ  चंद महीनों से ज्यादा शक्रियता दिखा रहे है खुद को जनता का हितैषी बनने का दावा कर रहे है तो बही बिधानसभा के लोग इनको घुसपैठिया मान रहे है बिजावर विधासभा चुनाव के आते ही लोगो के वर्षों से  खैर-खबर न करने वाले रिश्तेदार दश्तक-पर-दश्तक दे रहे है लोगो को कुछ ऐसे चेहरे दिखाई दे है जो बहरूपियों से कम नही लग रहे है गॉवो में तो इतना बुरा हाल है कि बिना पहचान के लोग ज्यादा दिखाई देने बजह से महिलाएं अपने बच्चो तक को खेलने के लिए बाहर नही निकले नही दे रही है
खैर अब जो कुछ भी हो चुनाव की गति तेज हो गयी है बिजावर विधासभा के सभी प्रत्याशियो ने अपनी कमर और तेजी से कस ली है चुनाव प्रचार तेज कर दिया है स्टार प्रचारकों का दौर भी चालू हो गया है  जनता के लिए एक से बढ़कर एक लुभावने वादे दनादन किये जा रहे है पिछले समय मे कांग्रेस पार्टी ने 60 बर्षो तक जो राज किया है वो अब तक लोग भूले नही है कांग्रेस के समय मे 24 घंटे में से मात्र 8 बिजली मिलना, सड़को पर 2 फुट तक गहरे गड्ढे, भ्रष्टाचार की तो हदे पार करदी थी, नेताओं का जनता के प्रति दुर्व्यवहार इतना ज्यादा हो गया था कि 2003 के बाद जनता ने ऐसी राजा-महाराजो वाली सरकार को बापस शासन करने का मौका तक नही दिया,ऐसा ही कुछ माहौल बिजावर बिधानसभा में बनता नजर आ रहा है